बरसीर-बधाणीताल का डामरीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य 26 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्यटकों को बेहतर यातायात सुविधा प्राप्त होगी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Badhanital will improved at cost of 26 crores
रुद्रप्रयाग: विकासखंड जखोली में स्थित बधाणीताल के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 3.36 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। विधायक भरत सिंह चौधरी ने इसके लिए मुख्यमंत्री धामी का धन्यवाद व्यक्त किया है। झील का सौंदर्यीकरण होने से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा।
Badhanital will improved at cost of 26 crores
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 14 अप्रैल 2022 को बधाणीताल पर्यटन एवं विकास मेले में भाग लेकर बधाणीताल को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना की घोषणा की थी। जिसके बाद पर्यटन विभाग ने ग्रामीण निर्माण विभाग के सहयोग से बधाणीताल के सौंदर्यीकरण और विकास का एक खाका कर डीपीआर को शासन की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया। शासन ने बधाणीताल के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए 3.36 करोड़ की स्वीकृति दी और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 134.60 लाख रुपये जारी किए। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बधाणीताल के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।
भगवान विष्णु को समर्पित है ये झील
बधाणीताल झील रुद्रप्रयाग से लगभग 60 से 62 किलोमीटर दूर लगभग सात हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए 200 मीटर का पैदल मार्ग गांव के बीच से होकर गुजरता है। यह झील भगवान विष्णु को समर्पित है और मान्यता है कि पंचमी, मकर संक्रांति, पूर्णिमा, अमावस्या जैसे विशेष पर्वों पर स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसीलिए, विशेष पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बड़ी संख्या आती है। यहां हर साल मेले का आयोजन भी किया जाता है।
26 करोड़ की लागत से संवरेगा बधाणीताल
स्थानीय विधायक भरत सिंह चौधरी ने बधाणीताल झील के लिए वित्तीय स्वीकृति दिए जाने पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री धामी का धन्यवाद किया है। उन्होंने बताया कि बरसीर-बधाणीताल का डामरीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य 26 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्यटकों को बेहतर यातायात सुविधा प्राप्त होगी।
लंबे समय से मांग कर रहे थे स्थानीय
विकासखंड जखोली में स्थित बधाणीताल रुद्रप्रयाग जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय इसके सौंदर्यीकरण की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस जनहित की मांग को स्वीकार किया है। बधाणीताल को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जल्द ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।