उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड ने पाठ्यक्रम में "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू करने का फैसला किया है, इस कदम से छात्रों को हाल ही में हुए सैन्य अभियान के बारे में जानकारी मिलेगी।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Operation Sindoor Chapter in madrasas NCERT syllabus
देहरादून: मदरसा शिक्षा परिषद में NCERT लागू होने के बाद पिछले मंगलवार को दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और सूफी विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी, इसके बाद ये फैसला लिया गया है कि मदरसों के पाठ्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर पर एक अध्याय को शामिल किया जाएगा।
Operation Sindoor Chapter in madrasas NCERT syllabus
उत्तराखंड में 451 मदरसे हैं, जिनमें लगभग 50,000 छात्र हैं, मदरसों के पाठ्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर पर एक अध्याय को शामिल कर भारतीय सेना की बहादुरी से छात्रों को रूबरू कराया जाएगा। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर रक्षा मंत्री को बधाई दी और पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों को करारी शिकस्त देने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने भारतीय सेना की बहादुरी की प्रशंसा की और उत्तराखंड की वीरता की विरासत को उजागर करते हुए इसे "वीरों की भूमि" बताया।
मदरसों में शामिल होगी 'ऑपरेशन सिंदूर' की कहानी
मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि सशस्त्र बलों द्वारा दिखाए गए साहस की पूरे देश के लोगों ने प्रशंसा की है और मदरसा छात्रों को भी इस राष्ट्रीय गौरव के बारे में सीखना चाहिए। उन्होंने मीडिया को बताया कि "हमने देशभर के मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया है, जिससे बच्चे मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ रहे हैं। इस सुधार से इन संस्थानों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा आई है। हम अपने बच्चों के साथ 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफल कहानी साझा करना चाहते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां समझ सकें कि कैसे हमारे सैनिकों ने इसे पूरी ताकत, बहादुरी और साहस के साथ अंजाम दिया और सुनिश्चित किया कि कोई नागरिक हताहत न हो।"
राष्ट्र के प्रति विश्वास और प्रेम को मिलेगा बढ़ावा
पाठ्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर पर एक अध्याय को शामिल करने के लिए पाठ्यक्रम समिति की बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "यह देवभूमि उत्तराखंड है, जिसे सैन्य धाम के रूप में भी जाना जाता है। अगर यहां के आधुनिक मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे ऑपरेशन सिंदूर के बारे में नहीं जानेंगे, तो वे इसे कहां से सीखेंगे?" उन्होंने कहा, "उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है, जहां लगभग हर घर से एक सैनिक सेना में है। यहां के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल हैं, मुख्यमंत्री एक सैनिक के बेटे हैं और यहां के लोग देशभक्त हैं। अगर ऐसे राज्य के बच्चों को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में नहीं पढ़ाया जाएगा, तो कौन पढ़ाएगा?" शम्स ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को सेना की वीरतापूर्ण लड़ाइयों और सैनिकों द्वारा किए गए बलिदानों के बारे में पढ़ाना राष्ट्र के प्रति विश्वास और प्रेम को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो खुद एक सैन्य परिवार से आते हैं, से अनुरोध करता हूं कि वे जल्द से जल्द एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में इन सभी चीजों को लागू करें, ऑपरेशन सिंदूर को लागू करें, ताकि आधुनिक मदरसों के बच्चे भी इन पंक्तियों को पढ़ सकें, उनकी कहानियां पढ़ सकें, उनकी वीरता के बारे में पढ़ सकें और खुद को इसमें महसूस कर सकें।"