उत्तराखंड: मरीजों को मौत बांट रहे थे पति-पत्नी, 6 राज्यों में था नकली दवाओं का कारोबार.. गिरफ्तार

पुलिस ने नकली जीवन रक्षक दवाओं के कारोबार में दंपति दबोचे हैं, विगत 2 वर्ष में नकली दवाई की खरीद-फरोख्त कर इन्होने 14 करोड रूपये का लेन-देन किया.. उत्तराखंड सहित 6 राज्यों में करते थे सप्लाई..
Advertisement ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
fake medicine: Husband-wife ran fake medicine business in 6 states
Image: Husband-wife ran fake medicine business in 6 states

देहरादून: विभिन्न ब्रांडेड दवाई कंपनियों की जीवन रक्षक दवाओं की हुबहू नकल कर नकली दवाईयों को तैयार कर बाजार में विक्रय किये जाने की शिकायत मिलने पर गिरोह की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जा रही है।

Husband-wife ran fake medicine business in 6 states

एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि एसटीएफ ने प्रतिष्ठित दवाई कंपनियों के नकली रैपर व नकली आउटर बॉक्स, लेबल एवं क्यूआर कोड के साथ संतोष कुमार को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ इस मामले में पूर्व में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

पूरे गैंग का पर्दाफाश

मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रदीप कुमार द्वारा वर्ष 2023 में आरोपी नवीन बंसल उर्फ अक्षय के साथ मिलकर नकली दवाईयों का काम शुरू किया था। आरोपी प्रदीप कुमार ने अपनी पत्नी श्रुति डावर के नाम से एक फर्म सांई फार्मा खोली। आरोपी प्रदीप कुमार और नवीन बंसल द्वारा ब्रांडेड दवाई कंपनी के नकली आउटर बॉक्स सेलाकुई में संतोष कुमार से बनवाते थे, और उसे ट्रांसपोर्ट सेलाकुई, देहरादून के माध्यम से भिवाडी, राजस्थान मंगाते थे। दवाई पैक करने के लिए ब्रांडेड मेडिसन कंपनी के प्रिन्टिङ एल्यूमिनियम फॉयल बद्दी हिमाचल प्रदेश के विजय कुमार पाण्डेय की फर्म से बनवाते थे। आरोपी प्रदीप कुमार व नवीन बसंल आदि ब्रांडेड कंपनी के नाम से बेचने के लिए दवाईयां देहरादून व हरिद्वार में स्थित फैक्ट्री से बनवाकर ट्रांसपोर्ट सेलाकुई, देहरादून के माध्यम भिवाडी, राजस्थान मंगाते थे।

पंचकुला की एम्बुलेंस में करते थे सप्लाई

दवाईयों को आरोपी नवीन बंसल उर्फ अक्षय के आशियाना ग्रीन वाले फ्लैट में बिल्सटर मशीन की मदद से पैक करते थे। दवाईयों को एल्यूमिनियम फॉयल में पैक कर आरोपी पंकज शर्मा नोबल फार्मेसी पंचकुला की एम्बुलेंस वाहन की मदद से अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करते थे। पानीपत, हरियाणा में आरोपी प्रदीप कुमार का एक एपी मेडिकोज नाम से मेडिकल स्टोर है। आरोपी प्रदीप कुमार द्वारा 2 साल देहरादून स्थित वेलमेड हॉस्पिटल में पार्टनरशिप में केयर पॉइंट मेडिकल स्टोर चलाया था, उसमें भी आरोपी ने नकली दवाईयां सप्लाई की है।

कोरोना काल में भी बेचीं नकली रेमडिसिविर

वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान पानीपत पुलिस ने आरोपी प्रदीप कुमार को नकली रेमडिसिविर इंजिक्शन बेचने के केस में जेल भेजा था। आरोपी प्रदीप कुमार की फर्जी फर्म सांई फार्मा के बैंक खाते में विगत 2 वर्ष में नकली दवाई की खरीद-फरोख्त का करीब 14 करोड रूपये का लेन-देन प्रकाश में आया है और उत्तराखंड सहित 6 राज्यों में विभिन्न मेडिकल स्टोरों में नकली दवाईयां सप्लाई करने की जानकारी प्राप्त हुई है। आरोपी प्रदीप कुमार के विरूद्ध पानीपत हरियाणा में 1 मुकदमा दर्ज है। पूर्व में 10 आरोपियों सहित एसटीएफ इस मामले में अब 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।