हरिद्वार में बड़ा बैंकिंग घोटाला! बंद खाते से 12 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन, बैंक कर्मचारियों पर FIR

हरिद्वार में एक व्यापारी के बंद कराए गए करंट खाते से 12 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से यह लेनदेन हुआ। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बैंक कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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हरिद्वार बैंक घोटाला: FIR Against Bank Staff in Haridwar Over  12 Crore Account Scam
Image: FIR Against Bank Staff in Haridwar Over 12 Crore Account Scam

हरिद्वार: हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में एक चौंकाने वाला बैंकिंग मामला सामने आया है। एक व्यापारी के बंद कराए गए करंट खाते से 12 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का खुलासा हुआ है। मामले में कोर्ट के आदेश पर बैंक कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

FIR Against Bank Staff in Haridwar Over ₹12 Crore Account Scam

पुलिस के अनुसार, अवनीत अरोड़ा निवासी छोटा जोगीवाड़ा, मोती बाजार हरिद्वार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मोती बाजार पंजाबी बेड़ा स्थित उनकी दुकान के नाम से बंधन बैंक की ज्वालापुर रोड शाखा में करंट खाता संचालित था। व्यापारी ने बताया कि अप्रैल 2025 में उन्होंने खाता बंद कराने के लिए बैंक के कस्टमर रिलेशनशिप ऑफिसर आशु कुमार को लिखित आवेदन सौंपा था। इसके साथ ही उन्होंने एटीएम कार्ड और चेकबुक भी बैंक को जमा करा दी थी। कुछ समय बाद बैंक की ओर से उन्हें मौखिक रूप से खाता बंद होने की पुष्टि भी कर दी गई थी।

स्टेटमेंट देखकर उड़ गए होश

व्यापारी के अनुसार, 13 अगस्त 2025 को जब उन्हें कोरियर के जरिए बैंक स्टेटमेंट प्राप्त हुई, तो वह हैरान रह गए। स्टेटमेंट में खाता बंद होने के बावजूद बड़े पैमाने पर लेनदेन दर्ज था।

व्यापारी की ओर से नहीं किया गया लेनदेन

आरोप है कि 1 मई से 26 जून 2025 के बीच खाते में करीब 12.14 करोड़ रुपये जमा किए गए और लगभग 12.12 करोड़ रुपये की निकासी कर ली गई। इस दौरान व्यापारी की ओर से किसी भी तरह का लेनदेन नहीं किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसी अवधि में खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी बदल दी गई, जिससे उन्हें किसी भी लेनदेन की सूचना नहीं मिल सकी। इस पूरे मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।

बैंक कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप

व्यापारी ने शाखा प्रबंधक और संबंधित कर्मचारियों पर मिलीभगत कर अवैध लेनदेन कराने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह सब बैंक के अंदरूनी सहयोग के बिना संभव नहीं था। आरोप है कि 20 अगस्त को जब वह दोबारा बैंक शाखा पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई, तो बैंक कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शिकायत जारी रखने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR

कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस द्वारा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और बैंक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।