उत्तराखंड एसटीएफ ने देहरादून में एसएससी एमटीएस परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। रिमोट एक्सेस तकनीक से पेपर हल कराने की साजिश रची गई थी। दो आरोपी गिरफ्तार, परीक्षा केंद्र सील और उपकरण बरामद।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: STF busted a high-tech counterfeit gang
देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने 13 फरवरी को आयोजित केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षा में नकल कराने वाले हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ आईजी नीलेश भरणे ने स्वयं प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया।
STF busted a high-tech counterfeit gang
जानकारी के अनुसार, 13 फरवरी को भारत सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के माध्यम से मल्टी टास्किंग (Non-Technical) स्टाफ और हवलदार (CBIC/CBN) भर्ती परीक्षा-2025 आयोजित की गई थी। इसी परीक्षा के दौरान आधुनिक तकनीक का उपयोग कर नकल कराने का मामला सामने आया। गिरोह अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलने की फिराक में था।
10 लाख रुपये में पास कराने का लालच
एसटीएफ के अनुसार, आरोपियों द्वारा प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा में पास कराने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। अभ्यर्थियों को गुमराह कर अत्याधुनिक तकनीक के जरिए उनके कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल करने की साजिश रची गई थी। एसटीएफ को पहले से ही आशंका थी कि परीक्षा के दौरान असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं, जिसके चलते पुलिस और एसटीएफ पहले से सतर्क थी।
संयुक्त कार्रवाई में परीक्षा केंद्र पर छापा
आईजी नीलेश भरणे के अनुसार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड एसटीएफ को इनपुट मिला था कि कुछ लोग गिरोह बनाकर अभ्यर्थियों को धोखा देने की नीयत से मोटी धनराशि लेने की तैयारी में हैं। इनपुट के आधार पर संयुक्त टीम ने देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में दबिश दी। दबिश के दौरान परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम के एक कोने में 24×24 इंच का अंडरग्राउंड चेंबर (गड्ढा) मिला। उसमें दो लैपटॉप और एक राउटर स्वचालित अवस्था में पाए गए, जिन्हें रिमोटली संचालित किया जा रहा था।
पूरे सिस्टम को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया
एसटीएफ के अनुसार, इन्हीं लैपटॉपों के माध्यम से परीक्षा के प्रश्नपत्र हल करने में मदद की जा रही थी। टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक उपकरणों की सहायता से पूरे सिस्टम को कब्जे में लेकर सील कर दिया। एसटीएफ ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नीतिश कुमार, निवासी नागलोई, दिल्ली और भास्कर नैथानी, निवासी देहरादून शामिल हैं। दोनों से पूछताछ जारी है और अन्य सहआरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
आईजी नीलेश भरणे ने बताया कि यह गिरोह अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। मामले की गहन जांच की जा रही है और इसमें और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।