सतिंदर सरताज ने अपने हेरिटेज इंडिया टूर 2025-26 के तहत देहरादून के परेड ग्राउंड में सूफियाना संगीत की यादगार शाम सजाई। गुरु रामराय को नमन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और अपने लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Satinder Sartaaj Performs Live in Dehradun During Heritage India Tour
देहरादून: प्रसिद्ध गायक, गीतकार और कवि सतिंदर सरताज अपने बहुचर्चित हेरिटेज इंडिया टूर 2025-26 के तहत रविवार को देहरादून पहुंचे। परेड ग्राउंड में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट में उन्होंने सूफियाना और लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दूनवासियों की शाम को यादगार बना दिया।
Satinder Sartaaj Performs Live in Dehradun During Heritage India Tour
देहरादून पहुँचने पर सरताज ने सबसे पहले श्री दरबार साहिब में मत्था टेका। उन्होंने वहां की कलाकृतियों का अवलोकन किया और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव साझा किया। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले सरताज ने गुरु रामराय को नमन किया। साथ ही उन्होंने सिख गुरुओं को याद कर अपनी प्रस्तुति को आध्यात्मिक स्पर्श दिया। उनकी यह विनम्र शुरुआत दर्शकों के दिलों को छू गई। इस दौरान सरताज ने दुनिया में चल रहे युद्धों को त्रासदी बताया और मासूम लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हर इंसान के अंदर एक फकीर होता है, बस जरूरत है उसे पहचानने की।
सूफियाना सुरों में डूबा परेड ग्राउंड
परेड ग्राउंड में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों संगीत प्रेमी जुटे। सरताज ने अपने लोकप्रिय गीतों से महफिल सजा दी:
‘अपने ते रंग चढ़ाई… साईं’ – भावपूर्ण प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
‘शरबत हो गई आज सहस्रधारा वे…’ – इस गीत में उन्होंने मसूरी और कैंपटी फॉल का जिक्र कर स्थानीय दर्शकों को खास एहसास कराया।
‘सबसे महंगी होंदी है मासूमियत…’ – गीत ने युवाओं को खासा आकर्षित किया।
दिल सुकून वाला नहीं कठोर हो गया…’ – इस प्रस्तुति ने माहौल को भावुक कर दिया।
जब उन्होंने ‘एक प्यार का नगमा है…’ गाया तो पूरा मैदान उनके साथ सुर मिलाता नजर आया।
दर्शकों में दिखा खास उत्साह
युवाओं से लेकर वरिष्ठ संगीत प्रेमियों तक, सभी में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। देर रात तक पंजाबी और सूफियाना गीतों पर लोग झूमते रहे। सरताज के गहरे शब्द, शास्त्रीय संगीत की झलक और सूफी अंदाज ने कार्यक्रम को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया।