Uttarakhand: स्कूल में बनवाया 'भूत का मंदिर', आत्मा के नाम पर छात्रों में डर; 15 साल पहले हुई थी महिला की मौत

Education News: Bageshwar जिले के राजकीय इंटर कॉलेज कौसानी में अंधविश्वास का मामला सामने आया है, जहां छात्रों से पैसे लेकर ‘भूत का मंदिर’ बनाया गया। मामले के तूल पकड़ने पर शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
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Education in Uttarakhand: Ghost Temple Built in School After Collecting Money from Students
Image: Ghost Temple Built in School After Collecting Money from Students

बागेश्वर: विज्ञान और तकनीक के इस दौर में जहां तर्क और सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं समाज के कुछ हिस्सों में अंधविश्वास आज भी गहरी जड़ें जमाए हुए है। कभी डर, तो कभी अफवाहों के चलते ऐसे फैसले लिए जाते हैं, जो शिक्षा और समझ दोनों पर सवाल खड़े कर देते हैं।

‘Ghost Temple’ Built in School After Collecting Money from Students

दरअसल Bageshwar जिले के Kausani स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में अंधविश्वास का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कथित आत्मा के डर से छात्र-छात्राओं से पैसे वसूलकर स्कूल परिसर में ‘भूत का मंदिर’ स्थापित कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 15 साल पहले स्कूल के पास एक महिला की फिसलकर मौत हो गई थी। इसके बाद से इलाके में यह धारणा बन गई कि महिला की आत्मा परिसर में भटकती है। समय के साथ यह डर इतना बढ़ गया कि कई छात्राएं बेहोश होने लगीं, जिससे अंधविश्वास को और बढ़ावा मिला।

छात्रों से वसूले गए हजारों रुपये

आरोप है कि अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) ने इस डर को दूर करने के नाम पर छात्रों से पैसे एकत्र किए। प्रत्येक छात्र से करीब 100 रुपये लिए गए, जिससे कुल लगभग 21,800 रुपये जमा किए गए। इसके बाद जनवरी 2026 में स्कूल परिसर में ‘भूत का मंदिर’ बनाकर पूजा-अर्चना भी की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य Tajbar Singh का कहना है कि यह राशि सफाई और निर्माण कार्य के लिए अभिभावकों की सहमति से ली गई थी। वहीं PTA अध्यक्ष Chandan Singh Bhandari के अनुसार, छात्रों में फैले डर और अस्वस्थता के कारण मंदिर का निर्माण कराया गया, जिसमें अभिभावकों और शिक्षकों का सहयोग रहा। इससे पहले छात्राओं के बेहोश होने की घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से काउंसलिंग भी कराई गई थी, लेकिन यह प्रयास ज्यादा प्रभावी नहीं रहा। इसके चलते अंधविश्वास की स्थिति और मजबूत हो गई।आगे पढ़िए..

शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

इस मामला तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य शिक्षाधिकारी Vinay Kumar ने कहा कि स्कूल परिसर में इस तरह की गतिविधि गंभीर है और इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर शिक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करती है, जहां वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की बात की जाती है, लेकिन स्कूलों में ही अंधविश्वास पनप रहा है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।