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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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देहरादून: उत्तराखंड में निजी स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। सरकार ने किताबों के जो रेट तय किए हैं, इसके ठीक उलट निजी स्कूल संचालक मनमाने तरीके से किताबों के दाम तय कर रहे हैं।
साथ ही खुद ही दुकानें तय की जा रही हैं और अभिभावकों को जबरन उन्हीं दुकानों में किताबें खरीदने के लिए भेजा जा रहा है। प्रशासन ने जब हल्द्वानी में पड़ताल की तो 46 स्कूल ऐसे कामों में लिप्त पाए गए। सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को अपनी जांच रिपोर्ट भेजी थी। अब इस मनमानी पर 46 निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग ने नोटिस भेज दिया है। आगे पढ़िए
अपनी मनमानी करने वाले इन 46 स्कूलों को विभाग ने मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही कठोर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। सभी स्कूलों को नोटिस भेजा गया है और 11 अप्रैल तक जवाब मांगने के लिए कहा गया है। अगर 11 अप्रैल तक नियमों को पालन करते हुए नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो इन 46 स्कूलों की मान्यता रद्द हो सकती है। सीबीएसई ने इन स्कूलों को कुछ दिशा-निर्देश भी दिए थे। लेकिन उनका भी पालन नहीं हो रहा है। कुछ स्कूलों ने अभी तक अपनी वेबसाइट नहीं बनाई है। कुछ ने वेबसाइट बनाई तो फीस के बारे में जानकारी नहीं डाली। इस तरह की कई लापरवाहियाँ सामने आई हैं। अगर अब जवाब नहीं दिया तो इन स्कूलों पर सख्त एक्शन होगा।