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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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नैनीताल: उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपने हौसले और मेहनत से नए कीर्तिमान रच रही हैं। पहाड़ों की इन बेटियों का जुनून अब देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चमक बिखेर रहा है। इसी क्रम में Nainital की अंजली ने Sri Lanka में आयोजित एशियन रीजनल जूडो-कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।
जानकारी के अनुसार अंजली नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक के दीनी तल्ली गांव की निवासी हैं। उनके पिता सुरेश चंद्र एक किसान हैं। वर्तमान में अंजली बागजाला, गौलापार में रह रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है, जो उनकी संघर्षशीलता को दर्शाता है। एशियन रीजनल चैंपियनशिप में अंजली ने जूडो-कराटे प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस जीत ने यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आगे पढ़िए..
अंजली की इस सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप बर्गली समेत कई लोगों ने अंजली की इस उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया।अंजली की यह उपलब्धि खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है। अंजली की इस जीत से न सिर्फ उनके परिवार का बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन हुआ है। उनकी सफलता आने वाले समय में और भी युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।