Dehradun की बॉक्सर छात्रा मुस्कान बिष्ट ने CBSE 10वीं में 95.6% अंक हासिल किए। खेल और पढ़ाई दोनों में संतुलन बनाकर उन्होंने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Boxer Muskan Bisht scored 95 percent in 10th Board
देहरादून: देहरादून की मुस्कान बिष्ट ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादों के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। बॉक्सिंग रिंग में अपनी पहचान बना चुकी मुस्कान ने अब पढ़ाई के क्षेत्र में भी शानदार प्रदर्शन किया है।
Dehradun Boxer Muskan Bisht Scores 95.6% in CBSE 10th Class
देहरादून की मुस्कान बिष्ट ने CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में 95.6% अंक प्राप्त किए हैं। दरअसल, मुस्कान बंजारावाला स्थित सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल की छात्रा हैं और साथ ही एक उभरती हुई बॉक्सिंग खिलाड़ी भी हैं। उनकी दिनचर्या बेहद अनुशासित रही है। वह सुबह जल्दी उठकर बॉक्सिंग का अभ्यास करती हैं, फिर स्कूल जाती हैं और दिनभर पढ़ाई करती हैं। शाम को वह फिर से रिंग में अभ्यास करती हैं। इस तरह पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं था, लेकिन मुस्कान ने अपने समय प्रबंधन और समर्पण से यह संभव कर दिखाया।
खेल में शानदार उपलब्धियां
मुस्कान ने अब तक चार राष्ट्रीय और सात राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने कई स्वर्ण और कांस्य पदक भी अपने नाम किए हैं। खेल के मैदान में सीखा अनुशासन, धैर्य और लगातार अभ्यास की आदत ही उनकी शैक्षणिक सफलता की नींव बनी। आगे पढ़िए..
पिता को खोने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
कम उम्र में पिता को खो देना मुस्कान के जीवन का सबसे कठिन समय था। लेकिन उन्होंने इस दर्द को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उनकी मां कमला बिष्ट, जो राज्य कर विभाग में वरिष्ठ अधिकारी हैं, ने अकेले ही उनका सहारा बनकर हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। मां के संघर्ष और मुस्कान के जज्बे ने मिलकर सफलता की एक प्रेरक कहानी लिखी।
वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना
मुस्कान का सपना भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है। वह मानती हैं कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।
मुस्कान बिष्ट की यह उपलब्धि सिर्फ एक अच्छा रिजल्ट नहीं है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं। उनकी कहानी सिखाती है कि जिंदगी के हर “रिंग” में जीत उसी की होती है, जो मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।