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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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बागेश्वर: कहते हैं कि अगर आपको सफलता हासिल करनी है, तो उसके लिए जी-तोड़ मेहनत ही विकल्प है। सफलता हासिल करने का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
ये साबित किया है कि उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की बेटी गीतिका पंत ने। गीतिका चौरासी के सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा हैं। उन्होंने पूरे उत्तराखंड में 12वीं के बोर्ड में पहला स्थान हासिल किया है। गीतिका ने बोर्ड परीक्षा में 98 फीसदी अंक हासिल किए हैं। इससे पहले 10वीं में भी गीतिका ने पूरे बागेश्वर जिले में टॉप किया था। गीतिका आज सफलता के शिखर पर हैं, लेकिन यहां तक पहुँचना इतना आसान नहीं था। आगे पढ़िए..
गीतिका के पिता चंद्रशेखर पंत टैक्सी चालक हैं। पिता दिन रात मेहनत करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी माता रितिका पंत गृहणी हैं। इससे पहले गीतिका ने हाईस्कूल में 97.6 फीसदी अंक हासिल किए थे। उस दौरान उन्होंने जिला में टॉप किया था। उस समय ही परिवार को उनकी प्रतिभा का पता चल गया था। संसाधन भले ही सीमित रहे हों, लेकिन गीतिका ने अपने सपनों को कभी सीमित होने नहीं दिया। आज गीतिका की सफलता से उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू हैं। गीतिका अब इंजीनियर बनना चाहती है। Uttarakhand board result में टॉपर बननने पर गीतिका को हार्दिक बधाई