उत्तराखंड सरकार राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आधुनिक यात्री सुविधा केंद्र विकसित करेगी। हाईवे पर टॉयलेट, रेस्ट रूम, पार्किंग और फूड प्लाजा जैसी सुविधाएं सीएसआर फंड से बनाई जाएंगी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Modern Passenger Facilities Planned on Uttarakhand Highways
देहरादून: उत्तराखंड में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों और पर्यटकों को जल्द ही बेहतर सुविधाएं मिलने वाली हैं। प्रदेश सरकार ने हाईवे यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के निर्देश पर परिवहन विभाग ने प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राज्य राजमार्ग (SH) मार्गों पर आधुनिक यात्री सुविधा केंद्र विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
Modern Passenger Facilities Planned on Uttarakhand Highways
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड के राजमार्गों पर प्रतिदिन हजारों स्थानीय यात्री, तीर्थयात्री और पर्यटक सफर करते हैं। बावजूद इसके कई मार्गों पर बुनियादी सार्वजनिक सुविधाओं की कमी महसूस की जाती है। विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और परिवारों को लंबी यात्रा के दौरान स्वच्छ शौचालय और आराम की उचित व्यवस्था नहीं मिल पाती। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से हाईवे सुविधा केंद्र विकसित करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत विभिन्न स्थानों पर आधुनिक शौचालय, विश्राम कक्ष (रेस्ट रूम), पेयजल सुविधा, वाहन पार्किंग और छोटे रेस्टोरेंट स्थापित किए जाएंगे, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सीएसआर फंड से तैयार होंगे सुविधा केंद्र
योजना की सबसे खास बात यह है कि इन यात्री सुविधा केंद्रों के निर्माण और संचालन में निजी कंपनियों की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) निधि का उपयोग किया जाएगा। इस मॉडल के तहत सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और निजी क्षेत्र की भागीदारी से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। आगे पढ़िए..
प्रस्तावित हाईवे सुविधा केंद्रों में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं, पेयजल की व्यवस्था, आरामदायक रेस्ट रूम, वाहन पार्किंग सुविधा, छोटे भोजनालय और रेस्टोरेंट, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण और आपातकालीन सहायता सुविधाएं शामिल हैं। इन केंद्रों को ऐसे स्थानों पर विकसित किया जाएगा जहां यातायात का दबाव अधिक रहता है और यात्रियों को ठहरने की आवश्यकता पड़ती है।
पर्यटन और तीर्थयात्रा को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन राज्यों में शामिल है। चारधाम यात्रा, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों पर हर वर्ष लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर आधुनिक सुविधाओं के विकास से पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा और राज्य की सकारात्मक छवि मजबूत होगी।
परिवहन मंत्री की पहल पर शुरू हुई प्रक्रिया
परिवहन विभाग के अपर आयुक्त एस.के. सिंह के अनुसार परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने इस योजना की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विभाग निजी कंपनियों से संपर्क कर रहा है ताकि सीएसआर फंड के माध्यम से परियोजना को धरातल पर उतारा जा सके। जल्द ही संभावित स्थानों का चयन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
सड़क यात्रा होगी अधिक आरामदायक
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक सुविधा केंद्र विकसित होने से उत्तराखंड की सड़क यात्रा पहले से कहीं अधिक आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगी। इससे न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा बल्कि राज्य में आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकार की यह पहल राज्य के परिवहन और पर्यटन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।