उत्तराखंड में मॉनसून की धमाकेदार एंट्री, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट.. प्रशासन ने जारी की चेतावनी

उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की एंट्री के साथ कई जिलों में भारी बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने देहरादून, बागेश्वर समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
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Uttarakhand Weather Update: Uttarakhand Weather Update 1 July 2026
Image: Uttarakhand Weather Update 1 July 2026

देहरादून: उत्तराखंड में करीब 10 दिन की देरी के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 30 जून को दस्तक दे दी। मॉनसून के सक्रिय होते ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। देहरादून स्थित भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के शेष क्षेत्रों में भी अगले दो से तीन दिनों के भीतर मॉनसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है।

Uttarakhand Weather Update 1 July 2026

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने 1 जुलाई के लिए देहरादून और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट किया है। इनके अलावा टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और हरिद्वार जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिले में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मंगलवार को कहां कितनी बारिश हुई?

मौसम केंद्र के अनुसार मंगलवार को चंपावत में 60 मिमी, देहरादून में 57.8 मिमी, कालसी में 49 मिमी और चकराता में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं देहरादून का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 से 3 डिग्री अधिक रहा।

प्रशासन की यात्रियों से अपील

नदी, नालों और गदेरों के किनारे जाने से बचें।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें।
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें।
चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें।

मॉनसून की उत्तरी सीमा कहां तक पहुंची?

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। मॉनसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में सूरत, इंदौर, सागर, सीधी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून और मंडी से होकर गुजर रही है।

इस बार क्यों हुई मॉनसून की देरी?

आमतौर पर उत्तराखंड में मॉनसून 20 जून के आसपास पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष देशभर में मॉनसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। इसी कारण उत्तराखंड में भी मॉनसून लगभग 10 दिन की देरी से पहुंचा। हालांकि अब इसके सक्रिय होने के बाद प्रदेशभर में अच्छी बारिश की संभावना जताई जा रही है।

भारी बारिश के दौरान क्या रखें सावधानी?

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना रहती है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।