रुद्रप्रयाग जिले के कंडारा गांव में हनुमान मंदिर के पास एक विशाल शिला पर भगवान शिव परिवार जैसी आकृतियां दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है और नियमित पूजा-अर्चना की जा रही है।
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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Image: Villagers Claim Shiva Family Images Found on Rock in Uttarakhand
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के कंडारा गांव में इन दिनों एक विशाल शिला चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के प्राचीन हनुमान मंदिर के पास पहाड़ी से मलबा हटाने के दौरान एक बड़ी शिला पर भगवान शिव परिवार जैसी आकृतियां दिखाई देने का दावा स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर में तपस्या कर रहे संत पंचम दास महाराज ने किया है। इस दावे के सामने आने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए कंडारा गांव पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में हर सोमवार जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विधिवत पूजा-अर्चना भी की जा रही है।
Villagers Claim Shiva Family Images Found on Rock in Uttarakhand
हनुमान मंदिर में वर्षों से साधना कर रहे संत पंचम दास महाराज का कहना है कि उन्हें लंबे समय से इस स्थान पर दिव्य शक्ति का आभास होता था। उनके अनुसार, कुछ समय पहले मंदिर से लगभग 20 मीटर दूर हल्का भूस्खलन हुआ। मलबा हटाने के दौरान शिला पर भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी जैसी आकृतियां स्पष्ट दिखाई दीं। उन्होंने बताया कि इस दृश्य को देखकर वे स्वयं भी भावुक हो गए और सूचना फैलने के बाद आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे। आगे पढ़िए..
ध्यान दें: शिला पर दिखाई देने वाली आकृतियों को लेकर यह स्थानीय ग्रामीणों और संत पंचम दास का दावा है। इसकी स्वतंत्र वैज्ञानिक या पुरातात्विक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शिला मिलने के बाद प्रतिदिन पूजा, आरती, भजन-कीर्तन और जलाभिषेक किया जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह स्थान अब आस्था का नया केंद्र बनता जा रहा है।
केदारनाथ यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील
संत पंचम दास महाराज ने केदारनाथ यात्रा के बदलते स्वरूप पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान धार्मिक मर्यादाओं, स्वच्छता और प्राकृतिक पर्यावरण का सम्मान करें तथा केवल मनोरंजन या सोशल मीडिया सामग्री बनाने के उद्देश्य से धाम न जाएं। संत पंचम दास महाराज के अनुसार उनका जन्म दिल्ली में हुआ, जबकि उनका मूल निवास राजस्थान है। वे पिछले छह से सात वर्षों से कंडारा गांव स्थित हनुमान मंदिर में रहकर साधना और सनातन धर्म की सेवा कर रहे हैं। इससे पहले वे त्रियुगीनारायण और आसपास के क्षेत्रों में भी तपस्या कर चुके हैं।