देहरादून स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) में दो सेमेस्टर परीक्षाओं के पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है। विश्वविद्यालय ने परीक्षाएं रद्द कर दीं और संबंधित प्रोफेसर पर 7 साल का प्रतिबंध लगा दिया। नई परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में होगी।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Paper leak at Uttarakhand Technical University
देहरादून: देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच उत्तराखंड से भी एक बड़ा मामला सामने आया है। देहरादून स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षाओं के दो प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक होने की पुष्टि हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इस फैसले से विश्वविद्यालय से संबद्ध 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं।
Paper leak at Uttarakhand Technical University
विश्वविद्यालय के अनुसार पेपर लीक का मामला इन दो विषयों से जुड़ा है। जिनमें Machine Learning for Internet of Things (ML for IoT) और Electro Magnetic Field Theory शामिल हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले ही इन विषयों के प्रश्न छात्रों तक पहुंचने की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय ने जांच शुरू कर दी।
जांच में प्रोफेसर की भूमिका आई सामने
कुलपति के निर्देश पर गठित जांच समिति ने पूरे मामले की जांच की। रिपोर्ट में सामने आया कि एक इंजीनियरिंग कॉलेज में तैनात प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र से जुड़े कई सवाल छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किए थे। जब परीक्षा में वही प्रश्न आए तो मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद विश्वविद्यालय और संबंधित इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशकों को एक गुमनाम ईमेल भेजकर शिकायत की गई। कॉलेज और विश्वविद्यालय दोनों स्तरों पर हुई जांच में पेपर लीक की पुष्टि हो गई।
प्रोफेसर पर 7 साल का प्रतिबंध
जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय ने संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें अगले सात वर्षों तक परीक्षा से जुड़े किसी भी कार्य में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है।
अगस्त के तीसरे सप्ताह में होगी दोबारा परीक्षा
परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी.के. पटेल ने पेपर लीक की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। अब इनका आयोजन अगस्त के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। नई परीक्षा की तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में जारी की जाएगी। इस निर्णय का सीधा असर UTU से संबद्ध करीब 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों विद्यार्थियों पर पड़ा है। जिन छात्रों ने पहले ही परीक्षा दे दी थी, उन्हें अब दोबारा परीक्षा में शामिल होना होगा।
एक बार फिर उठे परीक्षा प्रणाली पर सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर युवाओं में नाराजगी है। उत्तराखंड में भी पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में भी पेपर लीक होने से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।