पहाड़ में भारी बारिश के चलते आफत बढ़ रही है और कई जगह हड़कंप मच गया है। इस बीत नदी में डूबने से एक महिला की मौत हो गई और केदारनाथ में रास्ता बह गया।
-
कपिल
-
Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
Image: landslide in uttarakhand women drown in river
: उत्तराखंड के कई जिलों में रातभर से भारी बारिश हो रही है। इस वजह से कई जगह मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो रही है और पूरे पहाड़ में जबरदस्त ठंडक महसूस हो रही है। इस बीच परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे भारी बारिश की वजह से बाधित हो गए हैं। उधर उत्तराखंड की कोसी घाटी में शिप्रा नदी के तेज बहाव में एक महिला बह गई। बताया जा रहा है कि अल्मोड़ा जिले के कफूल्टा के बेतालघाट की रहने वाली जया भंडारी अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे स्थित रातीघाट में शिप्रा नदी को पार करने लगी थी। इस दौरान वो नदी के तेज बहाव में बह गई। बताया जा रहा है कि जया अपने मायके से ससुराल की ओर लौट रही थी। इस घटना के बाद से गांव में मातम मच गया है।
यह भी पढें - देवभूमि में दर्दनाक हादसा, एक ही घर से उठी पिता और बेटे की अर्थी
जया की एक तीन साल की बेटी और पांच साल का बेटा है। ग्रामीणों ने मृतका के परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उधर गढ़वाल मंडल में भारी बारिश से तबाही मच रही है। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब समेत नीलकंठ, जोशीमठ, नर-नारायण पर्वत, केदारनाथ, फूलों की घाटी, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की ऊंची चोटियों में जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। उधर मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि उत्तराखंड के 6 जिलों में अगले 24 घंटे जबरदस्त बारिश हो सकती है। मौसंम विभाग के मुताबिक उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में अगले 24 घंटे जबरदस्त बारिश हो सकती है। उधर केदारनाथ के लिनचोली के पास भूस्खलन आ गया है और रास्ता पूरी तरह तबाह हो गया है। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं और इस रास्ते को ठीक करने में थोड़ा वक्त लगेगा।
यह भी पढें - देहरादून में छात्रा से गैंगरेप..खाली हो गया GRD पब्लिक स्कूल, 52 बच्चे घर लौटे!
लगातार बारिश की वजह से केदारनाथ के लिए हेली सेवाओं का संचालन प्रभावित हुआ है। इससे केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ा है। केदारनाथ में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। भारी बारिश की वजह से कई नदी नाले उफान पर आ गए हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाइवे पर कई जगहों पर मलबा आ गया है और इस वजह से मार्ग अवरुद्ध हो गया। एक बार फिर से बता दें कि मौसम विभाग की तरफ से उत्तराखंड 6 जिलों के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है। जिलाधिकारियों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। राहत और बचाव टीमों को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कुल मिलाकर कहें तो उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से एक बार फिर से मुश्किलों का दौर शुरू हो गया है और एक बार फिर से 6 जिलों को सावधान रहने की जरूरत है।