इंदू दशौनी...पहाड़ की इस बेटी ने अपने क्षेत्र की पहली महिला आर्मी अफसर बनने का गौरव हासिल किया है। आप भी पढ़िए ये प्रेरणादायक कहानी
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आदिशा
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: indu dashauni of pithoragrh become army officer
पिथौरागढ़: पहाड़ की बेटियां सब कुछ कर सकती हैं और इस बात पर शायद किसी को कोई भी शक नहीं होगा। संगीत, कला, शिक्षा, देशसेवा के क्षेत्र में पहाड़ की बेटियों ने अलग ही मिसाल कायम की है। खआसतौर पर देशसेवा के मामले में पहाड़ की बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं जो कि गर्व की बात है। इसी कड़ी में इंदू दशौनी ने एक इबारत लिखी है। इंदू दशौनी ने जैसे ही अपने कंधे पर आर्मी अफसर के सितारे सजाए तो क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। पिथौरागढ़ के नाचनी के तल्ला भैंसकोट की इंदू दशौनी ने क्षेत्र की पहली महिला लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि पर तल्ला जोहार में खुशी का माहौल है। इंदू के पिता पूर्व सैनिक हैं और उनका नाम है भवान दशौनी। अपने पिता को वर्दी में देखकर इंदू हमेशा देशभक्ति से ओतप्रोत हो जाती थी।
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बचपन से ही इंदू ने आर्मी अफसर की वर्दी पहनने का ख्वाब बुना और इसके लिए लगातार मेहनत करती रही। आखिरकार ये मेहनत रंग लाई। इंदू की सालों की मेहनत कामयाब हुई और उन्होंने आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज पुणे के लिए टेस्ट पास कर दिया। अब बीते दिनों ही इंदू पुणे के आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज से पास आउट हुई हैं। इसके साथ ही वो अपने क्षेत्र की पहली महिला लेफ्टिनेंट बनी हैं। इंदू दशौनी को पहली तैनाती भी मिल गई है। सेना के कमांड अस्पताल लखनऊ में उनकी पहली पोस्टिंग हुई है। इंदू ने जैसे ही लेफ्टिनेंट की वर्दी पहनी और कंधे पर दो सितारे सजे तो तल्ला भैंसकोट में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से भी इंदू दशौनी को लेफ्टिनेंट बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं। इसी तरह से जिंदगी में आगे बढ़ती रहिए।
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