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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पिथौरागढ़: पहाड़ की बेटियां सब कुछ कर सकती हैं और इस बात पर शायद किसी को कोई भी शक नहीं होगा। संगीत, कला, शिक्षा, देशसेवा के क्षेत्र में पहाड़ की बेटियों ने अलग ही मिसाल कायम की है। खआसतौर पर देशसेवा के मामले में पहाड़ की बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं जो कि गर्व की बात है। इसी कड़ी में इंदू दशौनी ने एक इबारत लिखी है। इंदू दशौनी ने जैसे ही अपने कंधे पर आर्मी अफसर के सितारे सजाए तो क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। पिथौरागढ़ के नाचनी के तल्ला भैंसकोट की इंदू दशौनी ने क्षेत्र की पहली महिला लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि पर तल्ला जोहार में खुशी का माहौल है। इंदू के पिता पूर्व सैनिक हैं और उनका नाम है भवान दशौनी। अपने पिता को वर्दी में देखकर इंदू हमेशा देशभक्ति से ओतप्रोत हो जाती थी।