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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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टिहरी गढ़वाल: मुश्किल रास्तों में जीत हमेशा हौसलों की होती है..ये कहावत सच कर दिखाई है टिहरी जिले के चम्बा ब्लॉक के ग्राम कोट पट्टी मनियार के रहने वाले सौरभ चंद रमोला ने। एक वीर सपूत जिसके पिता करगिल में शहीद हुए थे। अपने पिता को आदर्श मानकर और उनके नक्शे कदम पर चलते हुए सौरभ ने अपने दिल में देशसेवा का जज्बा हमेशा कायम रखा। आज सौरभ भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। भारतीय सेना में भर्ती होने वाले हर अफसर की कहानी प्रेरणादायक है और इस बीच पहाड़ के इस सपूत की कहानी जानना भी जरूरी है। सौरभ उस वक्त सिर्फ 4 साल के थे जब सिर से पिता का साया उठ गया था। ड्यूटी के दौरान सौरभ के पिता राजेन्द्र सिंह रमोला करगिल में शहीद हुए थेे। पिता चले गए तो घर की सारी जिम्मेदारी मां विमला देवी के कंधों पर आ गई।