पहाड़ में बदलाव संभव है। अगर सच्चे दिल से किसी काम को करें, तो सब कुछ मुमकिन है। बस दरकार डॉ. कुलदीप बिष्ट जैेसे हौसलेमंद इंसानों की है।
-
आदिशा
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: story of doctor kuldeep bisht of chaukhutiya
नैनीताल: समाज में बदलाव चाहते हैं, तो सबसे पहले खुद को बदलना जरूरी है। चौखुटिया के डॉक्टर कुलदीप बिष्ट ने भी शायद इन शब्दों को अपने जीवन का सार बनाया। उन गरीब बच्चों की पीड़ा को समझा, जो वास्तव में पढ़ना चाहते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं। ये बात सच है कि आज कई परिवारों के बच्चे ऐसे हैं, जो पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन गरीबी की वजह से अपने सपनों को नहीं जी पाते। पहाड़ में ऐसे गरीब परिवारों के लिए देवदूत बनने का काम कर रहे हैं डॉक्टर कुलदीप बिष्ट। बीते 25 सालों से चौखुटिया बाज़ार में डॉक्टर कुलदीप बिष्ट अपना चिकित्सा सेवा केंद्र चला रहे हैं, जहां गरीब मरीजों का इलाज मुफ्त में होता है। वक्त वक्त पर डॉक्टर कुलदीप असहायों की आर्थिक मदद भी करते हैं। अब वो एक बड़े मिशन पर हैं।
यह भी पढें - पहाड़ के ऋषभ पंत ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, धोनी और एडम गिलक्रिस्ट को पीछे छोड़ दिया
दरअसल कुछ वक्त पहले उन्होंने रामगंगा बचाओ अभियान भी चलाया। इस दौरान उन्होंने ऐसे मेधावी बच्चों को देखा, जो अच्छी शिक्षा के अभाव में पीछे रह गए। यहां से उन्होंने अपनी जिंदगी का एक और लक्ष्य निर्धारित किया। लक्ष्य था कि गरीब बच्चों के लिए एक पाठशाला खोलनी है, जहां वो हर तरह के विषय का ज्ञान ले सकें। स्थानीय लोगों की मदद से डॉक्टर कुलदीप बिष्ट ने अगनेरी मंदिर सभागार कक्ष में व्यक्तित्व विकास पाठशाला खोली। यहां करीब 80 गरीब बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। हर रविवार और सरकारी छुट्टी के दौरान योग्य शिक्षकों के द्वारा छात्रों को पढ़ाया जाता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है पाठशाला का खर्च डॉक्टर कुलदीप अपनी कमाई से उठा रहे हैं।
यह भी पढें - उत्तराखंड में बर्फबारी से पड़ी कड़ाके की ठंड, अगले 24 घंटे 5 जिलों के लोग सावधान रहें
डॉक्टर कुलदीप मानते हैं कि शिक्षा और स्वास्थ्य हर किसी को अधिकार है। ऐसे में कोई छूटना नहीं चाहिए। हर किसी को आगे बढ़ाना है और जिंदगी जीने की नई राह तलाशना सिखाना है। ज़ाहिर सी बात है कि इस तरह से देश के साथ साथ उन बच्चों का भविष्य संवरेगा। इसके लिए बच्चों को करियर काउंसलिंग का ज्ञान भी दिया जाता है। कुलदीप बिष्ट कहते हैं कि पाठशाला में गरीब मेधावी बच्चों को पठन-पाठन के साथ ही करियर काउंसलिंग का ज्ञान भी कराया जा रहा है। भविष्य में रोजगारपरक शिक्षा से जोडऩे का कार्यक्रम भी है। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से डॉक्टर कुलदीप बिष्ट को हार्दिक शुभकामनाएं।