उत्तराखंड: जंगल में घास लेने गई महिला को गुलदार ने बनाया निवाला, मचा हड़कंप

उत्तराखंडसे एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जंगल में घास लेने गई एक महिला को गुलदार ने निवाला बना लिया।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
उत्तराखंड: leopard attack on women in bindukhatta uttarakhand
Image: leopard attack on women in bindukhatta uttarakhand

नैनीताल: उत्तराखंड से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि हल्द्वानी के डॉली रेंज के जंगल में एक महिला को गुलदार ने निवाला बनाया है। बताया जा रहा है कि भवानी देवी नाम की महिला जंगल में घास लेने गई थी। इस बीच घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। भवानी देवी शीशम भुजिया बिंदुखत्ता की रहने वाली थीं। बताया जा रहा है कि कल देर शाम वो घास लेने के लिए जंगल गईं थी। काफी देर तक जब वो घर वापस नहीं लौटी तो घरवालों की चिंताएं बढ़ गईं। पुलिस और वन विभाग को इस बात की खबर की गई। इसके बाद गुरुवार की सुबह लालकुआं कोतवाली पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। काफी खोजबीन के बाद गुरुवार की सुबह डॉली रेंज में शव मिला। इससे हड़कंप मच गया।

यह भी पढें - पहाड़ में गुलदार का आतंक, पहले बच्ची और अब बच्चे को किया लहूलुहान..गांव में दहशत
इस घटना के बाद से परिवार और गांव में दहशत का माहौल है। आपको बता दें कि अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून जैसे जिलों में गुलदार अब आम आदमियों को शिकार बनाने लगे हैं। कटते जंगलों की वजह से जानवर अब इंसानी बस्तियों में दखल देने लगे हैं। दो दिन पहले ही अल्मोड़ा से ही एक खबर आई थी। br/>अल्मोड़ा के ताड़ीखेत के नागार्जुन गांव में कुछ दिन पहले गुलदार ने एक बच्ची को शिकार बनाने की कोशिश की थी और अब एक बच्चे को निशाना बनाया । बताया जा रहा है कि इस गांव में आंगन में खेल रहे सात साल के बच्चे पर गुलदार ने हमला किया और लहूलुहान कर डाला। इस गांव के रहने वाले बालकृष्ण का सात साल का बेटा यश आंगन में खेल रहा था। इस बीच घात लगाकर बैठे एक गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।

यह भी पढें - उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा..बारातियों से भरी गाड़ी खाई में गिरी, मातम में बदली खुशियां
लोगों ने शोर मचाया तो गुलदार बच्चे को उठाकर खेतों की तरफ ले गया। इसके बाद जब लोगों की भीड़ जुटी तो गुलदार उस बच्चे को वहीं छोड़कर चला गया।
पहाड़ के लोगों का आए दिन जंगली जानवरों से आमना-सामना हो रहा है। ये बात हर कोई जानता है। कभी बंदर आकर फसलों को चट कर जाते हैं, कभी जंगली सुअर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, कभी गुलदार और बाघ आम लोगों पर हमला करते हैं...ऐसे में करें तो क्या करें ? जिन्हें वोट दिया ..उनके लिए तो ये कोई परेशानी ही नहीं है। ऐसा भाग्य मिला है पहाड़ के बाशिंदों को ? देखना है कि आगे क्या होता है।