एक बार फिर से पहाड़ मे गुलदार आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया। इससे बमनगांव में दहशत का माहौल है।
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कोमल
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Image: Leopard attack on women in almora
अल्मोड़ा: उत्तराखंड में इंसानों पर वन्यजीवों के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला अल्मोड़ा जिले के बमनगांव का है, जहां तेंदुए ने बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। महिला की बहू उसे बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई, लेकिन बुजुर्ग महिला को बचाया नहीं जा सका। सास को तेंदुए के मुंह का निवाला बनता देख बहु से रहा न गया तो सामना करने के लिए जान दांव पर लगा दी। बहु गीता जोशी ने लाख कोशिशें की लेकिन इसके बाद भी अपनी सास गोविंदी देवी को बचा नहीं पाई। बुजुर्ग की मौत से गुस्साए लोगों ने तेंदुए को आदमखोर घोषित करने की मांग की है। अब जानिए ये पूरा मामला क्या था।
घटना के वक्त बुजुर्ग महिला घर की चौखट पर खड़ी थी, इसी दौरान घात लगाए तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद बहू ने सास का एक पैर पकड़ लिया, और उसे बचाने के लिए जूझने लगी।
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तेंदुआ बुजुर्ग की गर्दन पकड़ कर उसे उठा ले गया। बहू शोर मचाते हुए तेंदुए के पीछे दौड़ी, लेकिन ग्रामीणों के पहुंचने तक महिला की मौत हो चुकी थी।बुजुर्ग महिला की लाश खेतों में पड़ी मिली। प्रधान मदन राम ने वनाधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन क्षेत्राधिकारी साथी कर्मचारियों के साथ घटना स्थल के लिए रवाना हो गए। बता दें कि तेंदुए ने 17 दिसंबर को भी बमनगांव के तोक सीमापानी के निकट हीरादेवी को मार डाला था। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में आदमखोर तेंदुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है, तेंदुए के हमले में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, इसके बावजूद वनाधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। ग्रामीणों ने तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने की मांग की है। उन्होंने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।