इस किताब में पिछले चार वर्षों में रेलवे से सम्बन्धित आधारभूत संरचनाओं के विकास की जानकारी साझा की गयी है...
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कपिल
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Image: CM trivendra inaugurates chardham rail network book
: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में भारतीय रेलवे द्वारा उत्तराखण्ड में किये गये कार्यों पर प्रकाशित पुस्तक ‘नई रेलवे नया उत्तराखण्ड’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में 2014 से वर्तमान तक उत्तराखण्ड में रेलवे द्वारा किये गये कार्यों एवं योजनाओं के विकास पर जानकारी दी गई है। इस किताब में पिछले चार वर्षों में रेलवे से सम्बन्धित आधारभूत संरचनाओं के विकास की जानकारी साझा की गयी है। इसके अलावा उत्तराखण्ड में नई रेल लाईनों के निर्माण रोड़ ओवर ब्रिज (आरओबी) रोड़ अंडर ब्रिज (आरयूबी), उत्तराखण्ड में यात्री केन्द्रित सेवाओं यात्रियों की सुरक्षा व सुविधाओं, प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर फ्री वाई फाई व टिकट काउंटरों पर डिजिटल लेन-देन के सम्बन्ध में जानकारी दी गई है।
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मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में देश के प्रमुख पर्यटक व तीर्थ स्थल है। उत्तराखण्ड के चारों धामों में देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यात्रियों के सुविधा के दृष्टिगत प्रदेश में यातायात के संसाधनों को बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में यातायात को सुलभ बनाने में केन्द्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है। 2014 के बाद उत्तराखण्ड में लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस, हिसार-हरिद्वार एक्सप्रेस, रामनगर-चण्डीगढ़ एक्सप्रेस, जम्मू तवी-हरिद्वार एक्सप्रेस आनंद विहार- लालकुंआ इन्टरसिटी एक्सप्रेस, रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस का शुभारम्भ किया गया। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के बीच नई रेल लाईन का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि चारधाम सम्पर्क के फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य प्रगति पर है। CM ने कहा कि देवबंद-रूड़की रेल लाइन के निर्माण तथा सहारनपुर-बागपत-दिल्ली नेशनल हाइवे के निर्माण के बाद देहरादून से दिल्ली की दूरी 3 घंटे मे तय होने लगेगी।
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इससे राज्य में पर्यटकों व तीर्थ यात्रियों का आवागमन बढ़ने के साथ ही उन्हें सुविधा भी होगी। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के निर्माण से पर्वतीय क्षेत्रों के विकास की राह भी प्रसस्त होगी। रेलवे के डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि कि रेलवे द्वारा देहरादून व हरिद्वार के रेलवे स्टेशनों के सुधारीकरण व यात्रियों की सुविधा के लिये लगभग 16 करोड़ की योजना बनायी गई है। जिन पर कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि रेलवे द्वारा इन 04 वर्षों में उत्तराखण्ड की रेल परियोजनाओं पर 577 करोड़ रूपये व्यय किये गये, जो वर्ष 2009 से 2014 के मुकाबले 208 प्रतिशत अधिक है।