एनआईटी श्रीनगर गढ़वाल का कैंपस नहीं बदला जाएगा, जानिए कहां तैयार होगा नया कैंपस

NIT श्रीनगर गढ़वाल के कैंपस को लेकर सस्पेंस अब खत्म होता दिख रहा है। साफ हो गया है कि ये कैंपस बदला नहीं जाएगा।
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
उत्तराखंड: NIT srinagar garhwal campus will not change
Image: NIT srinagar garhwal campus will not change

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भेंट की। उन्होंने एनआईटी, श्रीनगर पर गठित हाईपावर कमेटी ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी। ये साफ हो गया है कि एनआईटी श्रीनगर का कैंपस नहीं बदला जाएगा। आईटीआई और रेशम बोर्ड की भूमि पर अस्थाई रूप से एक नया कैंपस बनाया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा विशिष्ट बीटीसी अध्यापकों के बाद बचे हुए अध्यापकों को भी राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा के अधिकार के तहत राज्य को मिलने वाली राशि का बकाया हिस्सा जल्द ही केंद्र द्वारा दे दिया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की। इस मौके पर एनआईटी, श्रीनगर पर गठित हाईपावर कमेटी ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी।

यह भी पढें - उत्तराखंड के दो जिंदादिल अधिकारी अब एक ही जिले में आ गए, फिर दोहराएंगे इतिहास
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर व उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में एनआईटी, श्रीनगर पर गठित हाईपावर कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बात पर सहमति बनी है कि एनआईटी श्रीनगर का कैंपस नहीं बदला जाएगा। दूसरा अस्थाई रूप से एक नया कैंपस बनाया जाएगा। जिसे आईटीआई और रेशम बोर्ड की भूमि पर चलाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को बताया कि उत्तराखंड के सभी विशिष्ट बीटीसी अध्यापकों को केंद्र सरकार ने विधेयक पास करा कर बड़ी राहत दे दी है और बचे हुए अध्यापकों को भी राहत देने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। साथ ही साथ शिक्षा के अधिकार के तहत राज्य को मिलने वालीराशि का बकाया हिस्सा भी जल्द केंद्र सरकार द्वारा देने के लिए सहमती बना ली गई है। इस मौके पर उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत उपस्थित थे।