गांव यानी उत्तराखंड की आत्मा...इन्हें संवारने और सजाने का जिम्मा होता है ग्राम प्रधान के ऊपर...आज ऐसे ही एक गांव के ग्राम प्रधान का बेमिसाल काम जानिए।
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कोमल
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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Image: Kweetad village of uttarakhand
पिथौरागढ़: देवभूमि का एक गांव, जिसमें ग्रामीण भारत की झलक दिखती है...और साथ ही विकास की रफ्तार भी। इस गांव में पहुंचते ही साफ-सुथरी पक्की सड़कें आपका स्वागत करेंगी। सड़कों पर गंदगी का नामोंनिशान तक नहीं है। यही नहीं रास्तों की बाउंड्री वॉल पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे स्लोगन लिखे हैं, जो कि लोगों में जागरुकता फैला रहे हैं। ये गांव है पिथौरागढ़ की ग्राम सभा में आने वाला क्वीतड़ गांव....जिसकी शक्ल बदलने का श्रेय जाता है यहां के ग्राम प्रधान श्याम सुंदर सिंह शॉन को। विकास के मामले में ये गांव शहरों को भी मात देता दिखता है। गांव के प्रधान श्याम सुंदर सिंह शॉन पिथौरागढ़ के राजकीय कॉलेज के पूर्व महासचिव रहे हैं। जब श्याम सुंदर गांव के प्रधान बने तो उन्होंने गांव के कायाकल्प का फैसला लिया, प्रधान की कोशिशों का ही नतीजा है कि आज गांव में पक्की सड़कें हैं।
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रात गहराने पर यहां लोगों को घर से बाहर निकलते हुए डर नहीं लगता, क्योंकि गांव की सड़कें रोशनी से जगमगाती हैं। सड़कों के किनारे बनी वॉल पर प्रधान श्याम सुंदर की तरफ से बेटा-बेटी एक समान, अंतर कर के ना करो अपमान...जैसे स्लोगन लिखवाये गए हैं। ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके।

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अपनी कोशिशों से प्रधान श्याम सुंदर गांव के लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं, साथ ही उन्होंने उन ग्राम प्रधानों को भी आइना दिखाया है...जो कि विकास के नाम पर अक्सर बजट ना होने का रोना रोते रहते हैं।
