पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चुनाव में मिली हार के बाद बाबा केदार के दर्शन करना चाहते थे, लेकिन उनकी ये इच्छा पूरी नहीं हो पाई। देखिए उन्होंने क्या ट्वीट किया है।
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कोमल नेगी
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Image: HARISH RAWAT WANTS TO GO KEDARNATH
: सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत के दिन ठीक नहीं चल रहे। पहले तो लोकसभा चुनाव में उन्हें जनता ने नकार दिया। हार मिली तो हरीश रावत बाबा केदार की शरण में जाना चाहते थे, लेकिन लगता है कि बाबा केदार भी उनसे नाराज हैं। तभी तो उन्हें हेलीकॉप्टर की बुकिंग नहीं मिल पाई। दरअसल चुनाव में मिली हार के बाद हरीश रावत बाबा केदार के दर्शन करना चाहते थे। उनका राजनीतिक भविष्य वैसे ही संकट में है, तो उन्होंने सोचा कि जिस तरह बाबा केदार ने पीएम मोदी पर आशीर्वाद बरसाया क्या पता उनकी भी नैया पार लगा दें। आध्यात्मिक शांति की तलाश में वो केदारनाथ जाना चाहते हैं, लेकिन उनकी ये इच्छा भी पूरी नहीं हो पाई। हेलीकॉप्टर की बुकिंग नहीं मिलने की वजह से उन्हें निराश होना पड़ा। आगे देखिए उनका ट्वीट
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केदारनाथ के दर्शन ना कर पाने का दर्द उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए शेयर किया। फेसबुक पर उन्होंने एक पोस्ट लिख कर अपनी पीड़ा जाहिर की। इस पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लिखा कि 'मैं कल भगवान केदार के दर्शन करने जाना चाहता था, भगवान केदार का आदेश अभी नहीं हुआ है। कल मुझे हेलीकॉप्टर बुकिंग प्राप्त नहीं हो पायी। इसलिए अब कुछ दिनों बाद फिर भगवान केदार के दर्शन के लिये जाऊंगा। भगवान क्षमा करें, मैं भावनात्मक रूप से सदा आपके चरणों में हूं'।
लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर हरीश रावत फुरसत में नजर आ रहे हैं, राजनीतिक सक्रियता से इतर वो अपने बयानों और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की वजह से चर्चा में हैं। चुनाव में मिली हार के बाद
हरीश रावत बाबा केदार के दर्शन करना चाहते हैं, ताकि हार के गम को भुला सकें, पर यहां भी उन्हें निराश होना पड़ा।