स्वामी सुंदरानंद ने हिमालय और गंगा की खूबसूरत तस्वीरों से सजे संग्राहलय को आरएसएस को सौंप दिया, जल्द ही पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे...
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
Image: SWAMI SUNDARANAND PHOTO MUSIOIM IN UTTARKASHI
देहरादून: हिमालय और उसके आस-पास के क्षेत्रों में जिस तरह प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, उसे देख लगता है कि आने वाली पीढ़ियां प्रकृति के इस शानदार रूप को देखने से वंचित ही रह जाएंगी। शुक्र है कि देवभूमि में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो कि प्रृकति को, उसकी मनोहरता को सहेजने के काम में जुटे हैं। ऐसे ही लोगों में से एक हैं उत्तरकाशी में रहने वाले स्वामी सुंदरानंद, जिन्होंने हर्षिल घाटी से लेकर गंगोत्री धाम तक की खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद किया है। हिमालय की संस्कृति को बचाने का ये भगीरथ प्रयास जल्द ही सबके सामने होगा। इन तस्वीरों को सहेजने के लिए उन्होंने एक कलादीर्घा बनाई है, जो कि आज तीन मंजिला संग्राहलय का रूप ले चुकी है। संग्राहलय को उन्होंने आरएसएस को सौंप दिया है। ये तस्वीरें बेहद खास है, क्योंकि हिमालय का जो स्वरूप इन तस्वीरों में देखने को मिलता है, वो कहीं और नहीं मिल सकता। स्वामी सुंदरानंद के कलेक्शन में साल 1948 से अब तक की तस्वीरें शामिल हैं।
यह भी पढें - देवभूमि का एक सीनियर एडवोकेट..जो अपने दम पर संवार रहा है पहाड़ में शिक्षा की तकदीर
आज उनकी उम्र 94 साल हो गई है, लेकिन उनके मन में प्रकृति प्रेम अब भी खूब हिलोरे ले रहा है। जल्द ही उनकी तस्वीरों में कैद हिमालय का खूबसूरत स्वरूप दर्शकों के सामने होगा। इस संग्रहालय को जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। संग्रहालय के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की उम्मीद है। आपको बता दें कि स्वामी सुंदरानंद पिछले कई दशकों से हिमालय और गंगा के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैँ। वो पर्यटकों और पर्वतारोहियों को बताते हैं कि प्रकृति और पर्यटन के बीच सामंजस्य कैसे बनाकर रखना है। वो फोटोग्राफी के भी शौकीन हैं और उनकी तस्वीरें पटांगिनी पहाड़ी पर तपोवन हिरण्यगर्भ कलादीर्घा में देखी जा सकती हैं, जिसे अब तीन मंजिला संग्रहालय में तब्दील कर दिया गया है। आने वाली पीढ़ी के लिए वो जो सौगात छोड़कर जा रहे हैं, वो सचमुच अमूल्य है। इस संग्रहालय के उद्घाटन में आने के लिए योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिल गई है, पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात चल रही है। उम्मीद है, जल्द ही कला की ये धरोहर आम लोगों को भी देखने को मिलेगी।