पहाड़ का बहादुर नौजवान...मासूम बच्चे को बचाने के लिए गुलदार से अकेले ही जा भिड़ा

मासूम की जान बचाने के लिए विनोद ने जो किया है उसके लिए मंशा और साहस दोनों की जरूरत होती है...
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अल्मोड़ा डूंगरी गांव: STORY OF VINOD OF DUNGRI VILLAGE ALMORA
Image: STORY OF VINOD OF DUNGRI VILLAGE ALMORA

अल्मोड़ा: मतलबपरस्ती की इस दुनिया में आखिर कौन किसी के बारे में सोचता है। हम हर दिन ऐसी खबरों से दोचार होते हैं, जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती है, हमें ये सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि शायद अब इंसानियत दम तोड़ चुकी है, पर ऐसा है नहीं। शुक्र है कि स्वार्थ पर टिकी इस दुनिया में अल्मोड़ा के डूंगरी गांव के विनोद कुमार जैसे युवा भी मौजूद हैं। जिनकी वजह से इंसानियत जिंदा है। ऐसे ही लोगों की वजह से हमारी दुनिया थोड़ी और खूबसूरत बन जाती है। हाल ही में विनोद कुमार उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब वो एक बच्चे को गुलदार से बचाने के लिए गुलदार से अकेला ही भिड़ गया। ऐसा करते वक्त उसने अपने बारे में एक बार भी नहीं सोचा और किसी तरह बच्चे को गुलदार के चंगुल से छुड़ा लिया। ये घटना अल्मोड़ा के पेटशाल के पास डूंगरी गांव की है, जहां इन दिनों नरभक्षी गुलदार का आतंक है। गांव के दो लोगों को गुलदार अपना निवाला बना चुका है।

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हाल ही में गुलदार ने गांव के बच्चों के साथ नदी में गए एक बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। गुलदार इस मासूम को अपना निवाला बना ही चुका होता, पर तभी वहां गांव में रहने वाला युवक विनोद कुमार पहुंच गया। गुलदार को बच्चे पर हमला करते देख विनोद डरा नहीं, बल्कि अकेले ही गुलदार से भिड़ गया। बच्चे को बचाने के लिए विनोद ने अपनी जान तक की परवाह नहीं की। बाद में आस-पास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग गया। हमले में बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन गुलदार से जूझने वाला विनोद घायल है। वन विभाग की टीम ने विनोद को इलाज के लिए अल्मोड़ा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। वन विभाग ने मुआवजे के तौर पर घायल युवक को 5 हजार रुपये की धनराशि भी दी है, ताकि वो अपना इलाज करा सके। बच्चे की जान बचाने के लिए विनोद ने जो किया वो करने की मंशा और हिम्मत बहुत कम लोग जुटा पाते हैं, विनोद जैसे लोगों की वजह से ही इंसानियत बची हुई है, उसके साहस को हमारा सलाम।