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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पौड़ी गढ़वाल: भ्रष्टाचार विरोधी कड़े कानून बनाए जाने के बावजूद रिश्वतखोरी का मर्ज खत्म नहीं हो रहा। सरकारी दफ्तरों में अपना काम कराने के लिए लोगों को आज भी घूस देनी पड़ती है। ना दो तो काम नहीं बनता और रिश्वत देने की गवाही जमीर नहीं देता। कोटद्वार की रहने वाली रहने वाली एक महिला को भी अपने पति की पेंशन पाने के लिए कोषागार दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे थे। काम कराने के एवज में सहायक कोषाधिकारी रिश्वत मांग रहा था। महिला की शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने रिश्वतखोर सहायक कोषाधिकारी को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। ये कोषाधिकारी शिकायतकर्ता के दिवंगत पति के पुनरीक्षित पेंशन एरियर के भुगतान के एवज में रिश्वत मांग रहा था। अब आरोपी गिरफ्तार हो गया है। पुलिस उसकी संपत्ति और आय का लेखा-जोखा जुटा रही है। पूरा मामला क्या है चलिए जानते हैं।