उत्तराखंड: 10 हजार रुपये में अफसर ने बेचा ईमान..रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

उत्तराखंड में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक कोषाधिकारी को दस हजार की रिश्वत लेते पकड़ा। एक महिला ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी...
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उत्तराखंड न्यूज: Bribeer officer arrested in uttarakhand kotdwar
Image: Bribeer officer arrested in uttarakhand kotdwar

पौड़ी गढ़वाल: भ्रष्टाचार विरोधी कड़े कानून बनाए जाने के बावजूद रिश्वतखोरी का मर्ज खत्म नहीं हो रहा। सरकारी दफ्तरों में अपना काम कराने के लिए लोगों को आज भी घूस देनी पड़ती है। ना दो तो काम नहीं बनता और रिश्वत देने की गवाही जमीर नहीं देता। कोटद्वार की रहने वाली रहने वाली एक महिला को भी अपने पति की पेंशन पाने के लिए कोषागार दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे थे। काम कराने के एवज में सहायक कोषाधिकारी रिश्वत मांग रहा था। महिला की शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने रिश्वतखोर सहायक कोषाधिकारी को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। ये कोषाधिकारी शिकायतकर्ता के दिवंगत पति के पुनरीक्षित पेंशन एरियर के भुगतान के एवज में रिश्वत मांग रहा था। अब आरोपी गिरफ्तार हो गया है। पुलिस उसकी संपत्ति और आय का लेखा-जोखा जुटा रही है। पूरा मामला क्या है चलिए जानते हैं।

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कुछ दिन पहले एसपी विजिलेंस को एक लेटर मिला था। जिसमें एक महिला ने लिखा था कि उसके पति राजकीय इंटर कॉलेज डाबरी में प्रिंसिपल थे। साल 2007 में ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हो गई। उस वक्त पति के छठें वेतन आयोग का पे-फिक्सेशन गलत तरीके से हुआ, ये 5400 रुपये हो गया था, जबकि इसे 7600 रुपये होना था। महिला ने विभाग को कई लेटर लिखे, जिसके बाद पुनरीक्षित पेंशन एरियर बन गया। ये तीन लाख 73 हजार 865 रुपये का बना। एरियर का भुगतान करने की जिम्मेदारी कोटद्वार के वरिष्ठ कोषाधिकारी की थी। फरवरी में एरियर का भुगतान होना था। पर जब महिला कोटद्वार कोषागार में आई तो वहां मौजूद सहायक कोषाधिकारी बीर सिंह रावत ने एरियर देने के एवज में उनसे 10 हजार रुपये मांगे। स्वर्गीय पति के हक का पैसा रिश्वत में देना महिला को नागवार गुजरा, उसने तुरंत एसपी विजिलेंस से शिकायत की। शिकायत मिलते ही विजिलेंस ने जाल बिछाया। और आरोपी सहायक कोषाधिकारी को महिला से दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। विजिलेंस की टीम आरोपी को पकड़ कर देहरादून ले आई है। सतर्कता विभाग रिश्वतखोर अधिकारी को पकड़ने वाली टीम को 10 हजार रुपये का नगद इनाम देगा। आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है। उसकी संपत्ति और आय का ब्यौरा खंगाला जा रहा है।