Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
: देवभूमि में स्थित चार प्रमुख धामों में से एक है बदरीनाथ धाम। कहते हैं बदरीनाथ धाम में साक्षात विष्णु विराजते हैं। पर कहा ये भी जाता है कि आज जिस भू-वैकुंठ धाम को हम बदरीनाथ के रूप में जानते हैं, वो कभी शिवधाम हुआ करता था। जहां बाबा केदार विराजा करते थे। फिर ऐसा क्या हुआ कि शिव को ये जगह छोड़कर केदारनाथ को अपनी नगरी बनाना पड़ा, इस सवाल का जवाब हमें उस कहानी में मिलता है, जो स्कंद पुराण में वर्णित है। स्कंद पुराण के केदारखंड में उल्लेख है कि बदरीनाथ धाम पहले भगवान शिव का धाम था। पर जब नारायण यहां वास करने लगे तो भगवान शिव बदरीधाम छोड़कर केदारपुरी चले गए। हालांकि बदरीनाथ में आज भी भगवान भोलेनाथ श्री आदि केदारेश्वर के रूप में दर्शन देते हैं। चलिए अब आपको शिवधाम के हरिधाम बनने की कथा बताते हैं। स्कंद पुराण में वर्णन मिलता है कि भगवान शिव माता पार्वती के साथ नीलकंठ क्षेत्र और बामणी गांव के पास रहा करते थे।