देहरादून से सटे रायवाला में गुलदार ने कांवड़िए को बनाया निवाला, जंगल में पड़ी मिली लाश

देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर गुलदार ने एक कांवड़िए को अपना निवाला बना लिया...पढ़ें पूरी खबर
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
उत्तराखंड: LEOPARD ATTACK ON KANVARIYA IN DEHRADUN RAIWALA
Image: LEOPARD ATTACK ON KANVARIYA IN DEHRADUN RAIWALA

देहरादून: उत्तराखंड में इंसानों और जंगली जानवरों के बीच झड़पें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, पर हाल ही में देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर जो हुआ, उसे देखने के बाद आप भी डर से सहम जाएंगे। रायवाला में एक कांवड़िए की लाश मिली है। कांवड़िए की मौत की वजह गुलदार का हमला होना बताई जा रही है। जब से ये खबर क्षेत्र में फैली है, तब से देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा पर उत्तराखंड आने वाले कांवड़िए डरे हुए हैं। ये घटना जिस जगह हुई वो क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज से सटा है। गुलदार के हमले में मारा गया कांवड़िया हरियाणा का रहने वाला बताया जा रहा है। गुलदार के हमले में कांवड़िए की मौत से लोग डरे हुए हैं। लोगों ने कहा कि इलाके में गुलदारों की बढ़ती संख्या दहशत का सबब बनी हुई है, लोग अंधेरा होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। माना जा रहा है कि कांवड़िया शौच करने जंगल के भीतर दाखिल हुआ होगा, इसी दौरान गुलदार ने उस पर हमला कर दिया होगा।

यह भी पढें - IAS दीपक रावत ने दिखाई इंसानियत, ऐसे बने गरीब रिक्शा वाले के मददगार..देखिए
इस साल गुलदार के हमले में मौत के तीन मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अभी मौत की वजह साफ नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वजह जांच का विषय है, इसे गुलदार के हमले से मौत कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी। बता दें कि राजाजी नेशनल पार्क से सटे इलाकों में हाथियों के साथ ही गुलदार भी आतंक का सबब बने हुए हैं। पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। पिछले 5 साल में गुलदार के हमले में 21 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। रायवाला के साथ ही मोतीचूर और हरिपुरकलां जैसे इलाकों में भी गुलदार के हमले की घटनाएं हो चुकी हैं।