पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने उत्तराखंड में एनआरसी का समर्थन किया है..पढ़ें पूरी खबर
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कोमल नेगी
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Image: Uttarakhand nrc supported by two ministers of trivandra cabinet
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने प्रदेश में एनआरसी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। कुछ दिन पहले सीएम ने संकेत दिए थे कि उत्तराखंड में भी एनआरसी को लागू किया जा सकता है। उत्तराखंड राज्य की सीमाएं चीन और नेपाल जैसे देशों से लगी हैं। जो कि इसे सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती हैं। जरूरत पड़ी तो घुसपैठियों को रोकने के लिए यहां भी एनआरसी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस नेता चुटकियां ले रहे हैं, तो वहीं त्रिवेंद्र सरकार के मंत्रियों ने एनआरसी पर सीएम का समर्थन किया है। त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों ने सीएम के इस फैसले को सही बताया। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड में एनआरसी का समर्थन किया है। पहले बात करते हैं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की। उन्होंने कहा कि एनआरसी को लेकर विचार-विमर्श करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। असम में बहुत से बाहरी लोग बसे हैं। उत्तराखंड में भी बाहर के लोग आ रहे हैं। इससे प्रदेश की स्थिति भी बदली है। सामाजिक ताने-बाने में बदलाव आ रहा है। इस स्थिति से कैसे निपटा जाए ये मुख्यमंत्री को ही तय करना है।
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सूबे के शिक्षा मंत्री क्या बोले, ये भी बताते हैं। अरविंद पांडेय ने कहा कि उत्तराखंड में ऐसे कई दुर्गम क्षेत्र हैं, जहां यहां के मूल निवासी भी नहीं जा पाते। ऐसे में क्या गारंटी है कि कोई अपराधी, अपराध कर के इन जगहों पर ना रह रहा हो। राज्य में फिलहाल शांति है, लेकिन सबसे ज्यादा अपराध भी वहीं पलते हैं, जहां शांति होती है। प्रदेश में एनआरसी लागू होती है तो अपराधी बेनकाब होंगे। प्रदेश की संस्कृति और गरिमा को बनाए रखने के लिए एनआरसी बहुत आवश्यक है। यहां आपको एनआरसी के बारे में भी जानना चाहिए। एनआरसी यानि नेशनल सिटिजन रजिस्टर, भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए बनाई गई एक सूची है। जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान करना है। हरियाणा के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी राज्य में एनआरसी लागू करने के संकेत दिए हैं।