गौर माझी बेरोजगार था, उस पर कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया, रोजगार था नहीं तो कर्जा कैसे चुकाता। डिप्रेशन में आकर उसने खुदकुशी कर ली...
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कोमल नेगी
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Image: Unemployed youth died due to debt in gadarpur
उधमसिंह नगर: बेरोजगारी और कर्जा इंसान को जीते जी मार देते हैं। गदरपुर का रहने वाला एक युवक भी इसी दर्द से गुजर रहा था। पास में रोजगार था नहीं, उस पर कर्जा भी बढ़ता गया। जब युवक को लगा कि अब उसकी जिंदगी कभी पटरी पर नहीं लौट सकेगी, तो उसने फांसी लगा ली। युवक की लाश घर में फंदे से लटकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक की शिनाख्त गौर माझी के रूप में हुई है। वो उदयनगर गांव में रहता था। परिजनों ने बताया कि 30 साल का गौर माझी सिडकुल की कंपनी में काम करता था। जिंदगी मुश्किल थी, पर फिर भी किसी तरह गुजारा चल रहा था। काश ये सब यूं ही जारी रहता, पर ऐसा हुआ नहीं। फैक्ट्री में अचानक काम रुक गया, लोगों को काम से निकाला जाने लगा।
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गौर माझी को भी काम से निकाल दिया गया। तब से वो बेरोजगार था। काम की तलाश में भटक रहा था, लेकिन कहीं काम नहीं मिला। वो डिप्रेशन में था, पर अपना दर्ज जाहिर नहीं करता था। हालात लगातार बिगड़ते रहे। नौकरी ना होने की वजह से उसकी आर्थिक स्थिति खराब थी, उस पर कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया। उसे लगने लगा कि वो परिवार के लिए बोझ बन गया है। कर्जा बढ़ता ही जा रहा था, काम था नहीं, ऐसे में कर्जा कैसे चुकाता। जब सहा नहीं गया तो युवक ने अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। युवक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके आंसू थम नहीं रहे। बहरहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।