पहाड़ से पलायन रोकने के लिए जनरल बिपिन रावत ने बताई खास बातें, आप भी जानिए

उत्तरकाशी के थाती गांव पहुंचे जनरल बिपिन रावत ननिहाल में मिले प्यार से अभिभूत दिखे, इस दौरान उन्होंने पलायन पर भी बात की...
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Army Chief General Bipin Rawat: General bipin rawat looks amazed with love of his maternal kindred
Image: General bipin rawat looks amazed with love of his maternal kindred

देहरादून: बीते गुरुवार को उत्तरकाशी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसे देख लोग भाव विभोर हो गए। इस तस्वीर में सेना का सबसे शक्तिशाली अफसर एक बुजुर्ग के सामने हाथ जोड़े खड़ा था, बुजुर्ग के हाथ आशीर्वाद देने के लिए सेना प्रमुख के सिर पर थे। ननिहाल में मिला ये प्यार और अपनापन देख सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी अभिभूत नजर आए। अपने ननिहाल थाती गांव पहुंचे जनरल बिपिन रावत ने ग्रामीणों से कई मुद्दों पर बात की। उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही कहा कि रिटायरमेंट के बाद वो अपने गांव में ही रहेंगे। अपनों के बीच सुकून की जिंदगी बिताएंगे। दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आए सेना प्रमुख भगवान बदरी-केदार के दर्शन करने के बाद अपने ननिहाल थाती गांव आए हुए थे। साथ में पत्नी मधुलिका रावत भी थीं। सेना प्रमुख को अपने बीच पाकर ग्रामीणों की आंखें खुशी से भर आईं। बुजुर्गों ने सेना प्रमुख और उनकी पत्नी पर खूब आशीर्वाद लुटाया। इस स्वागत और प्यार से सेना प्रमुख बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका अभिभूत नजर आए।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में बाइक सवार युवक पर झपटा गुलदार, बाल बाल बची जान
जनरल रावत ने कहा कि ननिहाल आकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। वो काफी समय से अपने गांव आने की कोशिश कर रहे थे। रिटायरमेंट के बाद वो अपने पैतृक गांव में ही रहेंगे। जनरल रावत ने कहा कि वो चाहते हैं कि उत्तराखंड तरक्की करे, यहां खुशहाली आए, लोगों की प्रगति हो, पर ये तभी होगा जब यहां से पलायन कर रहे लोग वापस लौटेंगे। ये अच्छी बात है कि यहां विकास हो रहा है, सड़कें बन रही है। पर अब भी अच्छे स्कूल, कॉलेज और वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर्स बनाए जाने की जरूरत है। ताकि युवा रोजगारपरक शिक्षा हासिल कर सकें। यहीं रहकर रोजगार पा सकें। सेनाध्यक्ष ने अपने ममेरे भाई नरेंद्र परमार और उनके परिवार का गले लगाकर उनका अभिवादन किया। साथ ही सम्मान और आतिथ्य के लिए ग्रामीणों को धन्यवाद दिया।