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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: बच्चे माता-पिता के लिए पूरी दुनिया होते हैं, यही बच्चे जब अनहोनी का शिकार हो जाते हैं तो माता-पिता की पूरी दुनिया ही उजड़ जाती है। दर्द और तकलीफ के अलावा जिंदगी में कुछ नहीं बचता। भगवान का शुक्र मनाइए कि आप अपने बच्चों को बड़ा होते देख पा रहे हैं, क्योंकि पिथौरागढ़ का एक परिवार अपने लाडले को बड़ा होता कभी नहीं देख पाएगा। नरभक्षी तेंदुए ने परिवार के 3 साल के बच्चे को अपना निवाला बना लिया। घटना बेरीनाग के मनेत तोक गांव की है। शुक्रवार को रात 8 बजकर 20 मिनट पर हेमा कार्की अपने तीन साल के बच्चे नैतिक को गोद में लिए नीचे कमरे में जा रही थी। हेमा के एक हाथ में दूध का ग्लास था। हेमा ने आंगन में बिजली का स्विच बंद किया ही था कि तभी गुलदार की शक्ल में दबे पांव आई मौत ने मां की गोद से उसके लाडले को छीन लिया।