पिथौरागढ़ : मां की गोद से 3 साल के मासूम को छीन ले गया गुलदार, जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव

हेमा 3 साल के नैतिक को लेकर कमरे में जा रही थी, तभी घात लगाए गुलदार ने हमला कर हेमा की गोद से मासूम को छीन लिया....
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Leopard kill child: Leopard kill child in berinag
Image: Leopard kill child in berinag

देहरादून: बच्चे माता-पिता के लिए पूरी दुनिया होते हैं, यही बच्चे जब अनहोनी का शिकार हो जाते हैं तो माता-पिता की पूरी दुनिया ही उजड़ जाती है। दर्द और तकलीफ के अलावा जिंदगी में कुछ नहीं बचता। भगवान का शुक्र मनाइए कि आप अपने बच्चों को बड़ा होते देख पा रहे हैं, क्योंकि पिथौरागढ़ का एक परिवार अपने लाडले को बड़ा होता कभी नहीं देख पाएगा। नरभक्षी तेंदुए ने परिवार के 3 साल के बच्चे को अपना निवाला बना लिया। घटना बेरीनाग के मनेत तोक गांव की है। शुक्रवार को रात 8 बजकर 20 मिनट पर हेमा कार्की अपने तीन साल के बच्चे नैतिक को गोद में लिए नीचे कमरे में जा रही थी। हेमा के एक हाथ में दूध का ग्लास था। हेमा ने आंगन में बिजली का स्विच बंद किया ही था कि तभी गुलदार की शक्ल में दबे पांव आई मौत ने मां की गोद से उसके लाडले को छीन लिया।

यह भी पढ़ें - देहरादून के मालदेवता में शुरू हुआ पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, रोमांच के सफर में आप भी चले आइए
अचानक हुए हमले से हेमा सिहर गई। हेमा की चीख सुन परिजन और गांव वाले दौड़कर मौके पर पहुंचे और गुलदार का पीछा किया। ग्रामीणों का शोर सुनकर गुलदार बच्चे को छोड़कर भाग गया, पर तब तक नैतिक की सांसें थम चुकी थीं, गुलदार ने बच्चे की गर्दन पर वार किया था। मासूम की लाश घर से 250 मीटर दूर पड़ी मिली। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। मां खुद को कोस रही है, खुद को बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहरा रही है। गांव में मातम पसरा है। लोगों ने इस घटना के लिए वन विभाग को जिम्मेदार बताया, उन्होंने कहा कि इलाके में नरभक्षी गुलदार सक्रिय है, पर कई बार शिकायत करने के बाद भी वन विभाग वाले गुलदार को पकड़ने के लिए इंतजाम नहीं कर रहे। वहीं ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगा दिया है।