पहाड़ में बर्फबारी का दौर शुरू, मुनस्यारी ने ओढ़ी खूबसूरत बर्फ की चादर

हिमालयी चोटी पंचाचूली, राजरंभा, हंसलिंग और नंदा देवी में दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी होती रही, मुनस्यारी ने भी बर्फ की चादर ओढ़ ली है...
Advertisement ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Munsyari: Snowfall in munsyari hilly area
Image: Snowfall in munsyari hilly area

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी का दौर जारी है। मुनस्यारी की चोटियों पर मंगलवार को भी रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। पूरे क्षेत्र ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। बारिश-बर्फबारी की वजह से ठिठुरन बढ़ गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर रही है तो वहीं निचले इलाकों में बारिश ने मुसीबत बढ़ाई है। लोग बारिश थम जाने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ये इंतजार खत्म नहीं हो रहा। पिछले 24 घंटे में धारचूला में 43.20 मिलीमीटर बारिश हुई। बेरीनाग और मुनस्यारी में भी बारिश हुई है। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में भी बारिश का दौर जारी है। मुनस्यारी के कई इलाकों में हिमपात हुआ। हिमालयी चोटी पंचाचूली, राजरंभा, हंसलिंग और नंदा देवी में दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। कनालीछीना में बारिश ने दिक्कतें बढ़ाई हैं। पलेटा से लेकर सतगढ़ तक सड़क पर पानी जमा हो गया है, जिस वजह से राहगीरों और वाहनचालकों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।

यह भी पढ़ें - दुखद: पहाड़ में 4 साल के बच्चे को गाड़ी ने कुचला, दो बहनों के इकलौते भाई की मौत
बारिश की वजह से कई जगह सड़कें बंद होने की खबर है। तवाघाट-सोबला रोड पर मलबा गिरा है, जिस वजह से रास्ता बंद है। इस रास्ते पर शाम तक ट्रैफिक बहाल नहीं हो पाया था। हालांकि तवाघाट-घटियाबगड़ रोड पर मंगलवार से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। ये रास्ता बीते 27 सितंबर से बंद था। मंगलवार को रास्ता खुल गया, जिसके बाद गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई। मड़मानले-कठिपतिया, झूलाघाट-बलतड़ी, मसूरीकांठा-होकरा रोड भी मलबा आने की वजह से बंद हो गई थीं। सड़क बंद होने की वजह से लोग परेशान रहे। सोबला रोड पर भी गाड़ियों की आवाजाही बंद रही। मानसून विदा लेने वाला है, पर उत्तराखंड में बारिश थम नहीं रही। बारिश की वजह से ठंड बढ़ गई है, कई सड़कें अब भी बंद हैं। लोग सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं।