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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में जंगली जानवर दहशत का सबब बने हुए हैं। इंसानों और जानवरों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गुलदार-हाथियों के साथ ही भालू के हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। ताजा मामला ऋषिकेश का है, जहां यमकेश्वर ब्लॉक के एक गांव में भालू ने बुजुर्ग पर हमला कर दिया। भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना भादसी गांव की है, जहां 65 साल के लाखन सिंह खेत में गाय चराने गए हुए थे। इसी दौरान भालू ने उन पर हमला कर दिया। दर्द से तड़पते लाखन सिंह ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बाद में 108 बुलाई गई, जिसके बाद बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया। बुजुर्ग को इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। भालू के हमले में लाखन सिंह गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में भालू के हमले की घटना नई नहीं है। लोगों ने कहा कि इलाके में पिछले कई साल से भालू का आतंक जारी है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मदद भी मांगी, पर भालू के आतंक से निजात दिलाने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए। भालू और जंगली जानवर खेतों में घुसकर फसल बर्बाद कर देते हैं। भालू के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, डरे हुए लोग शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं, पर वन विभाग उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा। शनिवार को बुजुर्ग पर भालू के हमले की घटना के बाद लोग दहशत में हैं।
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