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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: भगवान आशुतोष के 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज के पावन पर्व पर विधि विधान के साथ बंद कर दिए गए और अब भगवान केदार कि चल विग्रह डोली गुप्तकाशी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची। हम आपको काशी विश्वनाथ मंदिर की भव्य तस्वीरें दिखा रहे हैं पुलिस टॉप भगवान केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली जब केदार से ओमकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए निकली तो पहला पड़ाव रामपुर में किया गया। इसके बाद बाबा की डोली काशी विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची। 31 अक्टूबर को बाबा केदारनाथ पंच केदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होंगे। यहां श्रद्धालु अगले छह माह तक अपने आराध्य देव की पूजा अर्चना करेंगे। भैया दूज के दिन तड़के सुबह 3:00 बजे मंदिर के गर्भ गृह में मुख्य पुजारी केदारलिंग द्वारा पूजा शुरू की गई। आगे देखिए तस्वीरें