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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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टिहरी गढ़वाल: टिहरी गढ़वाल का पलास गांव...आज इस गांव की सिर्फ यादें बची हैं। टिहरी बांध के निर्माण के लिए जिन गांवों ने अपने अस्तित्व का होम कर दिया, उनमें से एक पलास गांव भी था। हाल ही में पलास गांव के एक युवा सुबोध थपलियाल ने यूपीएससी की आईईएस परीक्षा पास की है। सुबोध अब रेलवे में अधिकारी बनेंगे। उन्होंने आईईएस परीक्षा में ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की। सुबोध थौलधार ब्लॉक के जुवा पट्टी के रहने वाले हैं। उनका परिवार पलास गांव में रहता था, लेकिन गंगा घाटी का ये गांव अब सिर्फ यादों में जिंदा है। सिराई और उप्पू गांव के बीच पड़ने वाले इसी गांव में साल 1995 में जन्म हुआ सुबोध थपलियाल का। पिता पैरामिलिट्री में थे। गांव डूबा तो पूरा परिवार ढालवाला कस्बे में आकर बस गया। सुबोध ने शुरुआती पढ़ाई ढालवाला के पुष्पा बढेरा सरस्वती विद्या मंदिर से की। इंटर के बाद जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया। बीटेक के बाद कोचिंग के लिए दिल्ली चले गए। हाल ही में उन्होंने यूपीएससी की तरफ से आयोजित आईईएस परीक्षा पास की है। उन्हें 18वीं रैंक मिली। आईईएस में टॉप कर सुबोध ने पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। सुबोध टिहरी के डूब क्षेत्र के रहने वाले हैं। 29 अक्टूबर 2005 को उनका गांव पलास तरक्की के नाम पर बने बांध की भेंट चढ़ गया। सुबोध अब रेलवे में अफसर बनेंगे। उनकी इस उपलब्धि से पूरे ढालवाला क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजन भी बेटे की सफलता से गदगद हैं। राज्य समीक्षा टीम की तरफ से सुबोध को ढेरों शुभकामनाएं, उनकी सफलता का सफर यूं ही जारी रहे।
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