बीरोंखाल की बहादुर बेटी राखी घर लौट आई, कहा- मैं दादा की तरह सेना में जाऊंगी

4 साल के भाई को गुलदार से बचाने वाली राखी का कोटद्वार में भव्य स्वागत हुआ, इस मौके पर राखी ने अपनी योजनाओं पर भी खुलकर बात की...
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Leopard attacked on brother and sister: Girl fight with leopard for brother wants to serve the country
Image: Girl fight with leopard for brother wants to serve the country

पौड़ी गढ़वाल: गुलदार से लड़कर अपने 4 साल के मासूम भाई की जान बचाने वाली राखी दिल्ली में इलाज के बाद वापस लौट आई है। कोटद्वार पहुंची 11 साल की राखी का जोरदार स्वागत हुआ। हर तरफ बस राखी के चर्चे थे। इस दौरान राखी ने गुलदार से लड़ने की बहादुरी भरी दास्तां भी लोगों को सुनाई। राखी ने अपने सपनों और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी खुलकर बात की। भाई को गुलदार के हमले से बचाने वाली राखी रावत ने कहा कि वो दिल्ली के अच्छे स्कूल में पढ़ना चाहती है। उच्च शिक्षा हासिल कर सेना में अफसर बनना चाहती है, ताकि देश की रक्षा में अपना योगदान दे सके। राखी सरकंडाई के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 5 की छात्रा है। उसने हर साल अपनी कक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है, वो कहती हैं कि अब वो दिल्ली के अच्छे स्कूल में पढ़ना चाहती हैं।

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राखी ने कहा कि उसके दादाजी जगत सिंह रावत सेना से रिटायर्ड हैं। वो भी दादा की तरह सेना में जाना चाहती है। राखी ने गांव में गुलदारों की बढ़ती दहशत पर भी बात की। उसने कहा कि वन विभाग गांव से 2 गुलदार पकड़ चुका है, पर फिर भी गुलदारों का आतंक बना हुआ है। आपको बता दें कि बीते 4 अक्टूबर को बीरोंखाल के देवकुंडाई गांव में रहने वाली राखी रावत अपने 4 साल के भाई को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई थी। गुलदार के हमले में भाई की जान तो बच गई, पर राखी बुरी तरह घायल हो गई थी। दिल्ली में इलाज के बाद राखी वापस लौट आई है। कोटद्वार में राखी का भव्य स्वागत हुआ। लोगों में राखी के साथ सेल्फी खिंचवाने की होड़ लगी रही। राखी कहा कि पहाड़ के गांव इस वक्त गुलदार के खौफ के साये में जी रहे हैं, सरकार को गुलदार से लोगों की रक्षा के लिए काम करना चाहिए।