केदारनाथ यात्रियों के लिए अच्छी खबर, अगले सीजन से पैदल मार्ग पर खुलेंगे मसाज सेंटर

अगले साल होने वाली केदारनाथ यात्रा कई मायनों में बेहद खास होगी, यात्रा को बेहतर और सुविधाजनक बनाने की कोशिशें जारी हैं....
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Kedarnath: Massage centres to be opened on kedarnath way
Image: Massage centres to be opened on kedarnath way

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा केदारघाटी की आर्थिकी की रीढ़ है। जिला प्रशासन और डीएम मंगेश घिल्डियाल केदारनाथ यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। इन कोशिशों से क्षेत्र के लोगों को रोजगार के मौके मिले हैं, साथ ही यात्रियों को भी सुविधा मिल रही है। केदारनाथ यात्रा का आने वाला सीजन कई नए बदलावों का गवाह बनने जा रहा है, इन बदलावों के बारे में भी बताते हैं। अगले सीजन में पैदल मार्ग पर यात्रियों की थकान दूर करने के लिए मसाज सेंटर खोले जाएंगे। केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों पर सवार यात्रियों को हेलमेट दिए जाएंगे, ताकि वो सुरक्षित रहें। पैदल यात्री हेलमेट पहने दिखेंगे। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जरूरी फैसले लिए गए हैं। इस बार केदारनाथ यात्रा ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पूरे सीजन में दस लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। ये नतीजे उत्साहित करने वाले हैं।

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इस साल करीब चार लाख श्रद्धालु घोड़े-खच्चरों से केदारधाम तक पहुंचे। धाम के पैदल मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है। पहाड़ से कभी भी पत्थर गिर जाते हैं, इसीलिए अगले सीजन से घोड़े-खच्चर चलाने वाले के साथ ही यात्री को भी हेलमेट पहनना होगा। घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी वालों के लिए यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य होगा। गौरीकुंड से केदारनाथ की दूरी 16 किलोमीटर है। पैदल यात्रा के दौरान थकान होना स्वाभाविक है, ऐसे में यात्रियों की थकान दूर करने के लिए पैदल मार्ग पर मसाज सेंटर बनाए जाएंगे। जो युवा सेंटर खोलना चाहेंगे, उन्हें वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत लोन मुहैया कराया जाएगा। हेली कंपनियों को भी अनिवार्य तौर पर एंबुलेंस रखनी होगी। आपको बता दें कि सितंबर में प्रशासन ने छह सदस्यीय टीम को वैष्णों देवी यात्रा के अध्ययन के लिए भेजा था। टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को दे दी है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि रिपोर्ट का अध्ययन कर केदारनाथ यात्रा को बेहतर बनाने के सुझाव अमल में लाए जाएंगे। इस दिशा में काम जारी है।