उत्तराखंड के धारी देवी मंदिर में अनोखी शादी, ऑस्ट्रेलिया की जूलिया ने बाबा के साथ लिए 7 फेरे

आस्ट्रेलियन जूलिया बून ने बाबा बर्फानीदास के साथ जीवन की नई शुरुआत की, जूलिया बून अब माता रिषवन के बन गई हैं...
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Gopeshwar: Baba barfani das came to the hut with an Australian wife
Image: Baba barfani das came to the hut with an Australian wife

पौड़ी गढ़वाल: प्रेम एक विशुद्ध अहसास है...ये अहसास ना सरहदों को देखता है और ना ही समाज की सीमाएं। मन में प्रेम हो तो घास-फूस की कुटिया भी महलों जैसा सुख देती है। इसी प्रेम के लिए माता सती ने पिता का महल ठुकराकर कैलाश में रहने वाले भगवान शिव का हाथ थामा था। मंगलवार को उत्तराखंड का श्रीनगर गढ़वाल भी ऐसे ही अनोखे विवाह का साक्षी बना। श्रीनगर के सिद्धपीठ मां धारी देवी मंदिर में बाबा सिद्धनाथ महाराज बर्फानीदास, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली जूलिया बून के साथ विवाह बंधन में बंध गए। आस्ट्रेलियन जूलिया बून ने बाबा बर्फानीदास के साथ जीवन की नई शुरुआत की और इस नई शुरुआत के साथ ही उन्हें नया नाम भी मिला। जूलिया बून अब माता रिषवन के बन गई हैं। विवाह की विधियां संपन्न होने के बाद बाबा सिद्धनाथ महाराज बर्फानीदास गोपेश्वर के घिंघराण में स्थित अपनी कुटिया में लौट आए। पत्नी जूलिया बून भी उनके साथ कुटिया में ही रह रही हैं

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स्थानीय लोगों ने बताया कि घिंघराण के टैक्सी स्टैंड के पास बाबा की कुटिया स्थित है, जहां वो लंबे वक्त से रह रहे हैं। कुछ समय से उनकी कुटिया में एक आस्ट्रेलियन महिला रह रही थी। मंगलवार को बाबा ने ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली इस महिला संग धारी देवी मंदिर में शादी कर ली। दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। लोगों ने बताया कि बाबा पहले माणा गांव के पास भीम पुल के समीप स्थित गुफा में रहते थे, इस वक्त वो कुटिया बनाकर घिंघराण में रह रहे हैं। वहीं जूलिया बून तलाकशुदा हैं, उनका छह साल का बेटा भी है, जो कि उन्हीं के साथ रहता है। बाबा संग सात फेरे लेकर जूलिया बून विधिवत तौर पर महाराज बर्फानीदास की जीवनसंगीनी बन गईं। शादी की रस्में खत्म होने के बाद दोनों गोपेश्वर स्थित कुटिया में वापस लौट आए।