उत्तराखंड में भारी बर्फबारी..हाईवे बंद होने से बारात समेत सैकड़ों यात्री रास्ते में फंसे

काशीपुर-बुआखाल हाईवे दो दिन से बंद है, रास्ता बंद होने की वजह से बारात की गाड़ी समेत सैकड़ों वाहन सड़क पर फंसे हैं...
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snowfall in Uttarakhand: Heavy snowfall in Uttarakhand hundreds of passengers and barat stuck from two days
Image: Heavy snowfall in Uttarakhand hundreds of passengers and barat stuck from two days

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी के साथ शुरू हुई मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। बर्फबारी की वजह से जगह-जगह रास्ते बंद हैं। कई गांवों का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। गांवों में बिजली नहीं आ रही, पानी के लिए भी लोग तरस रहे हैं। बारिश की वजह से कई गाड़ियां रास्तों में फंसी हैं, जिस वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धुमाकोट और बीरोंखाल की पहाड़ियां भी बर्फ से ढंकी है। यहां भारी बर्फबारी की वजह से काशीपुर-बुवाखाल हाईवे दो दिन से बंद है। हाईवे बंद होने की वजह से कई बसें सड़क पर फंसी हैं। इन बसों में एक बस बारात की भी है, जो कि बैजरों-धुमाकोट के बीच फंसी हुई है। शुक्रवार की पूरी रात बारातियों ने बस में भूखे-प्यासे रहकर बिताई। उन्हें उम्मीद थी कि शनिवार को रास्ता खुल जाएगा, पर ऐसा हुआ नहीं। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को क्षेत्र के शिशई गांव में जयपुर से बारात आई हुई थी। शुक्रवार को बारात दुल्हन लेकर लौट रही थी, लेकिन हाईवे बंद होने की वजह से दूल्हा-दुल्हन समेत पूरी बारात भटवाणों बैंट के पास फंस गई। बारातियों को पूरी रात भूखे-प्यासे रहकर बितानी पड़ी।

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सड़क पर शनिवार को भी ट्रैफिक बहाल नहीं हुआ। कुछ लोगों ने आस-पास के गांवों में शरण ली हुई है। इसके अलावा कई पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहन भी फंसे हुए हैं। लोनिवि बैजरो की ओर से बर्फ हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई है, लेकिन पांच किमी के पैच में भारी बर्फ हटाने में दिक्कत हो रही है। थलीसैंण में भी ऐसा ही हुआ है, यहां देहरादून से पोखरी गांव लौट रही बारात की गाड़ियां घनियाखाल और वेदीखाल के बीच फंस गईं। परेशान लोगों ने किसी तरह लोनिवि बैजरो, एनएच खंड धुमाकोट और आपदा कंट्रोल रूम में फोन किया, पर कहीं से मदद नहीं मिली। दूल्हा-दुल्हन बारातियों समेत पूरी रात भूखे-प्यासे रहे। इसी तरह सतपुली-पोखड़ा-बैजरो रोड पर भी बारात की गाड़ी के रास्ते में फंसने की सूचना है। शुक्रवार को बारात को किमगड़ी गांव जाना था, पर रास्ता बंद होने की वजह से वाहन आगे नहीं बढ़ सके। बाद में बारातियों को घनियाखाल और बेदीखाल में ठहराया गया। शनिवार को रोड खुलने के बाद कहीं जाकर बारात किमगड़ी गांव के लिए रवाना हो सकी।