ये हैं पहाड़ में शिक्षा व्यवस्था के हाल.. 7 अफसरों, 20 कर्मचारियों के भरोसे चल रहे 166 कॉलेज

यूनिवर्सिटी पर प्रदेश के डेढ़ सौ से ज्यादा डिग्री कॉलेजों के संचालन की जिम्मेदारी है, पर हाल ये है कि यूनिवर्सिटी में सिर्फ गिनती के अधिकारी-कर्मचारी हैं...
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Uttarakhand university: University is being run by seven officers and 20 outsource employees
Image: University is being run by seven officers and 20 outsource employees

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड का श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय...यानि राज्य के 166 सरकारी और निजी कॉलेजों का कर्ता-धर्ता। इस यूनिवर्सिटी पर प्रदेश के डेढ़ सौ से ज्यादा डिग्री कॉलेजों के संचालन की जिम्मेदारी है, पर हाल ये है कि यूनिवर्सिटी में सिर्फ गिनती के अधिकारी-कर्मचारी हैं। विश्वविद्याल में स्टाफ ना होने का खामियाजा हजारों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। स्टाफ की कमी से ना तो विश्वविद्यालय की परीक्षाएं समय पर हो रही हैं, और ना ही रिजल्ट समय पर आ रहा है। स्थाई नियुक्ति के नाम पर यूनिवर्सिटी में गिनती के 7 अफसर हैं। बाकि 20 कर्मचारी आउटसोर्स से रखे गए हैं। यूनिवर्सिटी की स्थापना साल 2011 में हुई थी, तब से अब तक कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस यूनिवर्सिटी में एक भी नियमित कर्मचारी नहीं है। सिर्फ यूनिवर्सिटी के कुलपति और 7 अफसर ही स्थाई तैनाती पर हैं।

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बाकि कर्मचारी आउटसोर्स से रखे गए हैं। पहले यूनिवर्सिटी में 32 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिन्हें अगस्त में हटा दिया गया। एक महीने पहले उपनल से 20 कर्मचारी और लिए गए, पर इतने कम कर्मचारियों से यूनिवर्सिटी का काम कैसे चलेगा। यूनिवर्सिटी से 52 सरकारी कॉलेज और 114 प्राईवेट कॉलेज संबद्ध हैं, जिनमें 61 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। अभी यूनिवर्सिटी के सामने जो सबसे बड़ी समस्या है वो है परीक्षा, रिजल्ट तैयार करना, प्रश्नपत्र भेजना और आंसर शीट को जांच के लिए भेजना, ये बेहद गोपनीय काम हैं, और जो नए कर्मचारी यूनिवर्सिटी में आए हैं, उन्हें इस काम का अनुभव नहीं है। वहीं कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी का कहना है यूनिवर्सिटी में स्टाफ की कमी है। आउटसोर्स से आए कुछ कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। स्टाफ की कमी के संबंध में उच्च अधिकारियों को बता दिया गया है, समस्या का जल्द ही कोई समाधान निकाल लिया जाएगा।