चीन से लौटने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण नहीं मिला है, लेकिन एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग इन लोगों की निगरानी करेगा।
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Image: Coronavirus Uttarakhand:200 people returning from china in Uttarakhand will be monitored
देहरादून: कोरोना वायरस...दहशत का दूसरा नाम। चीन में सैकड़ों लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस का डर भारत में भी कम नहीं है। कोरोना के डर से लोग चीन छोड़कर अपने देश वापस लौट रहे हैं। उत्तराखंड में चीन से लौटने वालों की तादाद 200 के आसपास है। वायरस का संक्रमण फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग चीन से प्रदेश वापस लौटने वाले लोगों की लिस्ट बना रहा है। इन लोगों पर नजर रखी जाएगी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी जिलों में टीम गठित की गई है, जो कि चीन से लौटे लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी। चीन में उत्तराखंड के कई लोग पढ़ाई, नौकरी और कारोबार के लिए गए हुए थे। कोरोना की दहशत फैली तो लोग वापस लौट आए। स्वास्थ्य निदेशालय ने ऐसे 200 लोगों की लिस्ट तैयार की है, जो चीन से लौट आए हैं। निदेशालय ने लिस्ट जिलों को भेजी है।
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चीन से वापस लौटने वाले लोगों की ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है। इन लोगों में देहरादून के 123 लोग शामिल हैं। इसके अलावा हरिद्वार जिले में 26, टिहरी में 27, पौड़ी में 12 और उत्तरकाशी के दो लोग भी हाल में चीन से आए हैं। ऋषिकेश में गुरुवार को कुल 7 लोग चीन से लौटे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर लोग स्वस्थ हैं। उनकी एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग भी हुई है। कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद लक्षण सामने आने में 14 दिन का समय लगता है। लक्षण पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। चीन से लौटे लोगों पर इंडियन डिजीज प्रोग्राम की टीम नजर रखेगी। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर उन लोगों की पहचान व स्क्रीनिंग करेंगी, जो हाल ही में चीन से लौटे हैं। साथ ही स्वाइन फ्लू व डेंगू के बारे में भी जानकारी जुटाएंगी।