देहरादून: 8 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..सावधान रहें

देहरादून में स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दो महीनों में 52 लोगों के सैंपल लिए थे। जिनमें से 8 मरीजों की जांच रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव (dehradun swine flu) आई है, आप भी स्वाइन फ्लू से बचकर रहें...
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dehradun swine flu: Dehradun Swine flu eight patients confirmed
Image: Dehradun Swine flu eight patients confirmed

देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना वायरस की दहशत के बीच स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। राजधानी देहरादून में 8 मरीजों में स्वाइन फ्लू (dehradun swine flu) की पुष्टि हुई, जिसके बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है। ज्यादातर मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ितों के परिजनों के सैंपल लेने का प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दो महीनों के भीतर 52 मरीजों के सैंपल लिए थे। जिनमें से 8 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। स्वाइन फ्लू पीड़ितों में पांच मरीज उत्तराखंड के थे, जबकि तीन मरीज दूसरे राज्यों से आए थे। स्वाइन फ्लू संक्रामक रोग है, परिवारवालों के भी इससे पीड़ित होने की आशंका बनी रहती है। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग अब स्वाइन फ्लू पीड़ितों के परिजनों के सैंपल इकट्ठा कर रहा है। देहरादून में सामने आए स्वाइन फ्लू के ज्यादातर मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आगे जानिए स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या हैं

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स्वाइन फ्लू और समान्य फ्लू के लक्षणों में अंतर कर पाना मुश्किल होता है, फिर भी अगर आपको लगातार छीकें, नाक बहना, खांसी, बहुत अधिक बलगम, थकान, अनिद्रा, मांसपेशियों में अकड़न, गले में खुश्की और लगातार बुखार जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। समय पर उपचार शुरू किया जाए तो स्वाइन फ्लू से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। इसके अलावा कुछ सावधानियां अपनाकर भी आप सुरक्षित रह सकते हैं। बिना मास्क पहने भीड़ वाली जगहों पर ना जाएं, हाथ मिलाने और गले लगने से बचें। अस्पताल जाते वक्त सावधानी बरतें। खांसते और छींकते समय रुमाल का इस्तेमाल करें। स्वाइन फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें। स्वाइन फ्लू बढ़ने पर जानलेवा साबित हो सकता है, इसीलिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि मरीज को सही वक्त पर अस्पताल पहुंचाया जाए, ताकि उसे जल्द से जल्द इलाज मिल सके। स्वाइन फ्लू (dehradun swine flu) के मामले सामने आने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी की तरफ से अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की गई है। सभी अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड बनाने और संदिग्ध मरीजों की सूचना तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।