उत्तराखंड में कोरोना वायरस वाला लेटर वायरल, दून मेडिकल कॉलेज को देनी पड़ी सफाई

देहरादून में जो लेटर वायरल हो रहा है उसे दून मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष ने लिखा है, इसमें निजी अस्पताल में कोरोना पेशेंट्स (Coronavirus uttarakhand) की पुष्टि होने की बात लिखी है, लेकिन सच क्या है, यहां पढ़ें..
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Coronavirus Uttarakhand: Coronavirus Uttarakhand:Letter of confirmation of patients of corona viral in Uttarakhand
Image: Coronavirus Uttarakhand:Letter of confirmation of patients of corona viral in Uttarakhand

देहरादून: कोरोना वायरस...दहशत का दूसरा नाम। देश में एक के बाद एक कोरोना के 29 केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों का घबराना लाजिमी है। अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना ठीक है, लेकिन कोरोना से जुड़ी अफवाहों को रोकना भी हमारी जिम्मेदारी है। कोरोना को लेकर उत्तराखंड में अलर्ट (Coronavirus uttarakhand) जारी हुआ है। कोरोना की खबरों के बीच देहरादून में एक लेटर वायरल होने की खबर है। इस लेटर में शहर के एक निजी अस्पताल में कोरोना के मरीजों की पुष्टि होने की बात लिखी है। डर के इस माहौल में ये लेटर तेजी से सर्कुलेट हुआ। सोशल मीडिया पर ये आग की तरह फैल गया। लेटर सही है, लेकिन लेटर में एक निजी अस्पताल में भर्ती पेशेंट्स में कोरोना वायरस होने की जो बात लिखी गई है, उसे गलती से लिख दिया गया था। अब आपको पूरा मामला बताते हैं। जो लेटर वायरल हो रहा है उसे दून मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष ने लिखा है। आगे देखिए ये लेटर

  • ये लिखा गया खत

    Letter of confirmation of patients of corona viral in Uttarakhand
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    Image: Letter of confirmation of patients of corona viral in Uttarakhand

    इस लेटर में प्राचार्य को मास्क, सैनेटाइजर, कैप आदि की डिमांड भेजी गई है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि एक निजी अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों की पुष्टि हुई है। लेटर में लिखा गया है कि देहरादून के एक नामी अस्पताल में मरीज कोरोना वायरस से ग्रसित पाए गए हैं। बात गंभीर थी, ऐसे में हल्ला तो मचना ही था। मचा भी। अब इस मामले में दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सायना ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ये सरासर लापरवाही का मामला है। विभागाध्यक्ष ने लेटर में कोरोना वायरस (Coronavirus uttarakhand) के मरीजों की पुष्टि होने की बात गलती से लिख दी थी। जिसके लिए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागाध्यक्ष ने भी अपनी गलती स्वीकार की है। विभागाध्यक्ष का कहना है कि यह मरीज अन्य जगह के हैं और उन्होंने गलती से ऐसा लिख दिया था। उन्होंने लिखित माफीनामा भी दे दिया है। आपको बता दें कि उत्तराखंड में कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बीजेपी ने भी प्रदेश में होली के सारे कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। हमारी आपसे अपील है कि कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर उड़ाई जा रही अफवाहों से बचें। ऐसे संदेश डर का माहौल बनाते हैं, इसीलिए इनकी सच्चाई जाने बगैर इन पर भरोसा ना करें।