उत्तराखंड: हाइवे पर गुस्साए हाथी ने मचाया तांडव, यात्रियों से भरी बस पर किया हमला

उत्तराखंड में हाइवे uttarakhand highway elephant पर एक टस्कर हाथी ने हॉर्न की आवाज़ से तंग आकर गुस्से में रामनगर से आ रही बस पर हमला कर दिया। जानिये क्या हुआ
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
उत्तराखंड हाईवे पर हाथी: Uttarakhand ramnagar highway elephant
Image: Uttarakhand ramnagar highway elephant

रामनगर: गुस्सा वैसे तो अक्सर मनुष्य की प्रवृत्ति माना जाता है मगर कभी-कभी यह जानवरों के बीच भी देखा जा सकता है।रामनगर हाइवे में एक ऐसी ही घटना सामने आई है। रामनगर हाइवे पर एक टस्कर हाथी uttarakhand highway elephant ने बौखलाहट में रामनगर से आ रही बस पर हमला कर दिया। दरअसल हुआ यूं कि रामनगर के मोहान क्षेत्र में शनिवार को करीब 5 बजे तस्कर हाथी सड़क किनारे जंगल में खड़ा हुआ था। तभी अचानक एक कैन्टर चालक ने अपना वाहन रोक कर लगातार हॉर्न बजाना शुरू करदिया। हॉर्न की आवाज़ सुनकर सड़क किनारे खड़ा हाथी गुस्से से तिलमिलाते हुए सड़क की ओर भागा। ज़ोर-ज़ोर से चिंघाड़ते हुए आक्रामक हाथी के सामने दुर्भाग्य से भतरौंजखान से रामनगर आ रही यात्री बस आ गयी। हाथी ने आव न देखा ताव और बस के ऊपर हमला करदिया। बस के सामने इतना बड़ा गुस्सेल हाथी देख कर यात्रियों की हालत खराब हो गयी। वे अफरा तफरी में बस से किसी तक निकल कर अपनी जान बचा पाये। हाथी ने सूंड से वाहन के आगे का हिस्सा भी तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि हाथी बस के ऊपर हमला करके कुछ देर तक वहीं आस-पास मंडराता रहा।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: 18 करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग तैयार, 300 वाहन होंगे पार्क..जानिए खूबियां
सूचना मिलने पर रामनगर वन प्रभाग के मोहान गेट पर तैनात वन कर्मी मौके पर पहुँचे। उन्होंने हाथी को भगाने के फायरिंग समेत कई प्रयास किये लेकिन हाथी के ऊपर इसका कोई असर नहीं दिखा, उल्टा वो वाहनों के ऊपर और अधिक हिंसात्मक हो गया। वन कर्मियों ने यह देख कर शोर मचाना शुरू किया तो बौखलाया हुआ टस्कर उनके पीछे दौड़ पड़ा। यह देख कर वन कर्मियों के भी होश उड़ गए और वो भी अपनी जान बचाने के लिए भागे। बड़ी कठिनाई के बाद वो सुरक्षित स्थान पर पहुँचे। uttarakhand highway elephant हमले के दौरान वाहन चालक और उसमें सवार लोग जान बचाने के लिए यहाँ-वहाँ भागते रहे। वन कर्मी अमित रावत के अनुसार टस्कर ने करीबन 45 मिनट तक बीच सड़क पर रहकर लोगों के बीच दहशत पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब वह शांत होकर जंगल की ओर लौटा तभी जाकर सड़को पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हुई।