वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में हाल ही में तीन लोगों के अंदर कोरोना की पुष्टि होने के बाद पूरे परिसर को लॉकडाउन कर दिया गया है। इसी परिसर के भीतर से एक गर्भवती महिला के रेस्क्यू ऑपरेशन को पुलिस ने बखूबी अंजाम दिया।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Coronavirus Uttarakhand:DEHRADUN rescue operation of pregnant lady during lockdown IN FRI
देहरादून: जिस क्षेत्र में कोरोना का खौफ अपने चरम पर है, जिस क्षेत्र को पूरी तरीके से लॉकडाउन किया जा चुका है, उसी क्षेत्र की एक महिला ने अपने गर्भ से एक नन्ही सी फूल जैसी बेटी को जन्म दिया है। कोरोना के लगातार चल रहे खौफ के बीच देहरादून में एक नवजात बच्ची के जन्म से अस्पताल किलकारियां गूंज उठा। उत्तराखंड में कोरोना वायरस से प्रभावित क्षेत्र के बीच से एक माँ ने नन्ही सी जान को जन्म दिया है। पुलिस ने गर्भवती महिला के रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया और सुरक्षित अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की सूझबूझ के चलते ही यह रेस्कयू ऑपरेशन सफल हो पाया है। माँ और बच्ची दोनों बिल्कुल सुरक्षित हैं। वन अनुसंधान संस्थान ( एफआरआई ) की खबर के बारे में तो आप सबने सुना ही होगा। दरअसल एफआरआई में तीन आईएफएस ट्रेनी स्पेन से भारत लौटने के पश्चात कोरोना वायरस के टेस्ट में पॉजिटिव साबित हुए थे। खबर मिलते ही एफआरआई में हड़कंप मच गया और पूरे परिसर को लॉक डाउन कर दिया। आगे पढ़िए
इसी परिसर में शनिवार को एफआरआई की पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गयी जिसके बाद उनका रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ।परिसर में सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए पूरे एरिया को लॉकडाउन कर रखा था। एफआईआर परिसर में लोगों का आवागमन पूर्ण तरीके से प्रतिबन्धित है। शुक्रवार देर रात आईएफएस कर्मचारी की गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से महिला को अस्पताल पहुँचाने की गुहार लगाई। मौजूद पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने मामला सुनते ही तुरन्त एक्शन लिया। रात में डेढ़ बजे एक महिला पुलिस अधीक्षक दूसरी महिला का रेस्कयू ऑपरेशन करने पहुँच गई। श्वेता और उनकी टीम ने बेहद ही समझदारी से काम लिया। 45 मिनट के कठिन रेस्कयू ऑपरेशन के बाद महिला को 108 की मदद से लॉकडाउन क्षेत्र से बाहर निकाला गया और सीधा महिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि सुबह तड़के 5 बजे बच्ची ने उस महिला के गर्भ से जन्म लिया। माँ और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। दोनों को आइसोलेशन वार्ड में ही रखा गया है। डॉक्टरों की टीम ने माँ और बेटी दोनों के स्वास्थ्य के ऊपर ऊपर निगरानी रखी हुई है। डॉक्टरों ने कहा है कि महिला ने कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं हैं।
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