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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: उत्तराखंड के लोगों को अब समझने की जरूरत है। कोरोना वायरस महामारी का रूप ले चुका है और लोग बसों में भर-भरकर शहरों से अपने अपने गांव लौट रहे हैं। जरा सोचिए ये कित ना गंभीर हो सकता है? अगर दिल्ली लॉकडाउन है, तो उत्तराखंड भी लॉकडाउन uttarakhand lockdown है। उत्तराखंड की सेहत आप सभी के हाथ में है। ये वक्त है, जब आपको गांव की तरफ नहीं बल्कि वहीं रहना चाहिए, जहां आप हैं। इसी में आपके गांव की आपके उत्तराखंड की भलाई है। उधर न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत का कहना है कि ‘अब तक निजी वाहनों की आवाजाही की अनुमति है क्योंकि लोग उत्तराखंड में अपने घरों में आ रहे हैं। लेकिन हम बहुत जल्द ही राज्य की सीमाओं को पूरी तरह से सील कर देंगे। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे जहां हैं वहीं रहें’।
वास्तव में ये भगदड़ मचाने का वक्त नहीं है। ये वक्त है जब आपको संवेदनशील होना पड़ेगा। अपने अपने गांव की फिक्र सभी को है लेकिन ये भी समझिए कि इस वक्त आपका गांव सुरक्षित है। हो सकता है कि आपके वहां जाने से ये महामारी पूरे के पूरे गांव के श्मशान बना दे। आगे देखिए एएनआई का ट्वीट
राज्य समीक्षा की भी आपसे अपील है कि समझदारी से काम लीजिए। अपने गांव, अपने पहाड़ को बचाना है..तो भगदड़ न मचाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें। उत्तराखंड लॉकडाउन uttarakhand lockdown को सफल बनाने में आप सभी का साथ चाहिए।