जिला अस्पताल के अंदर 30 बेड वाला आइसोलेशन वॉर्ड बन कर तैयार हो गया है। आईसीयू भी बनने वाला है और साथ ही साथ जल्द ही अस्पताल में दो वेंटिलेटर आ जाएंगे। पढ़िए चंपावत से शानदार खबर
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Coronavirus Uttarakhand:30 BED ISOLATION WARD IN CHAMPAWAT
चम्पावत: कोरोना के आने के बाद से हर कोई दहशत में है। हर राज्य अपने हिसाब से इस बीमारी से लड़ रहा है। उत्तराखंड के चंपावत में भी कोरोना से लड़ने के लिए प्रशासन ने कमान अपने हाथों में ली है। उत्तराखंड में अभी तक चार लोगों के अंदर कोरोना की पुष्टि हुई है। इसी के चलते चंपावत स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना को लेकर व्यवस्थाएं और पुख्ता करना शुरू कर दी हैं। चंपावत किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने देना चाहता, शायद इसलिए जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुए हैं और आगे भी होने की गुंजाइश है। जिला अस्पताल में 30 बेड वाला आइसोलेशन वॉर्ड बनकर तैयार चुका है। जिसमें कोरोना वायरस के पॉज़िटिव मरीजों के लिए 23 बेड, सम्भावित मरीजों के लिए 5 बेड की व्यवस्था की गई है।आईसीयू बनाने को लेकर भी तैयारी पूरे जोश से चल रही है। साथ ही साथ चम्पावत के जिला अस्पताल में जल्द ही दो वेंटिलेटर भी आने वाले हैं।
यह भी पढ़ें - BREAKING: गढ़वाल में आया कोरोना वायरस, 26 साल के नौजवान में कोविड-19 की पुष्टि
यह सब तभी मुमकिन हो पाया जब सोमवार को एडीएम टीएस मर्तोलिया ने एसडीएम अनिल गब्र्याल एवं सीएमओ डॉ. आरपी खण्डूरी के साथ चंपावत जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि अस्पताल में लोगों की संख्या काफी अधिक है और उनके लिए उपलब्ध सेवाएं कम हैं। अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में मात्र दो बेड मौजूद थे जो कि काफी चिंतनीय विषय था। सीएमएस डॉ. आरके जोशी के आदेश पर अस्पताल में 30 बेड वाला आइसोलेशन वॉर्ड तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में ऊपर-नीचे दो फ्लोर्स हैं। ऊपर वाले फ्लोर में केवल खांसी, जुकाम और बुखार वाले रोगियों को देखा जाएगा वहीं दूसरी तरफ नीचे वाले फ्लोर में अन्य मरीजों की जांच की जाएगी। इसी के साथ एक आइसीयू भी जल्द ही तैयार हो जाएगा जिसमें तीन से चार बेड होंगे।
यह भी पढ़ें - दिल्ली से गढ़वाल पहुंची युवती, पुलिस से हुई झड़प..अब 14 दिन के लिए सेल्फ क्वॉरेंटाइन
वेंटिलेटर की बात करें तो चंपावत जिला अस्पताल, प्रशासन के द्वारा दो वेंटिलेटर उपलब्ध कराने की उम्मीद रख रहा है। साथ ही साथ आपदा फंड से भी दो वेंटिलेटर अस्पताल के लिए खरीदे जायेंगे। सीएमएस डॉक्टर आरके जोशी ने ये भी बताया कि क्वारंटीन में रखे हुए मरीज़ की अगर तबियत खराब लगती है तो उसे अस्पताल ले जाने की बजाय सीधा स्वास्थ्य विभाग में सूचित करें। डॉक्टर वहां खुद जाकर उनको चेक करेंगे और सैम्पल एचटीएच हल्द्वानी भेजा जाएगा। इस दौरान मरीज़ पूरे तरीके से क्वारंटीन किया जाएगा। अगर रिपोर्ट्स में कोरोना की पुष्टि होती है तो तुरन्त मरीज़ को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में शिफ्ट करके इलाज किया जाएगा।